बिलासपुर,
शासन के निर्देशानुसार “संपूर्ण नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम” का शुभारंभ आज तखतपुर ब्लॉक से किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी सहायक नोडल अधिकारी श्री राजेन्द्र शर्मा को सौंपी गई है।
🏠 घर-घर जाकर नेत्र रोगों का सर्वेक्षण
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक जिलेभर में घर-घर जाकर नेत्र सर्वेक्षण (Eye Survey) किया जा रहा है।
सर्वे कार्य में नेत्र सहायक अधिकारी, सुपरवाइजर, मितानिन एवं आरएचओ (RHO) सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
सर्वे टीम पूर्व में तैयार सूची का मैदानी सत्यापन करेगी और मोतियाबिंद, दृष्टिदोष, ग्लूकोमा, डायबिटिक रैटिनोपैथी, लो विजन, कंजेक्टिवाइटिस जैसे नेत्र रोगों से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान करेगी।
👩⚕️ नेत्र सुरक्षा अभियान का उद्देश्य
सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरे राज्य में एक साथ संचालित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य है —
“उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जो किसी कारणवश अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते।”
डॉ. गरेवाल ने आगे बताया कि सर्वे के दौरान चिन्हित मोतियाबिंद रोगियों का ऑपरेशन जिला अस्पताल एवं सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर में निःशुल्क किया जाएगा। वहीं अन्य नेत्र रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
🏥 कार्यक्रम में सक्रिय टीम और अधिकारी
संपूर्ण नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम को सफल बनाने में
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार साहू,
ब्लॉक नोडल एनपीसीबी अधिकारी श्री आर. के. साहू,
श्री संजय शुक्ला,
श्री पंच राम बंजारे,
श्री अनिल दूबे,
श्री शिव प्रसाद ध्रुव,
श्रीमति संजू आदित्य,
श्री जे. आर. ध्रुव,
श्री अनुप सिंह,
श्रीमति निधी गुप्ता,
श्री पवन चौहान,
श्री राजेन्द्र उजागर
तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम भरनी, सैदा एवं अमसेना से किया गया, जहाँ सर्वे टीमों ने घर-घर जाकर नेत्र परीक्षण करते हुए जनजागरूकता अभियान भी चलाया।
🌟 अभियान का महत्व
यह कार्यक्रम जिले में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, समय पर उपचार उपलब्ध कराने, और नेत्रहीनता रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।