बलौदाबाजार, 28 अक्टूबर 2025/
वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने सोमवार को भक्तिन बांध (अमरूवा), बांस प्रसंस्करण केंद्र अमरूवा, तथा झिरिया बांध (गोलझर) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं एवं स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश दिए।
वनमंडलाधिकारी ने कहा कि “क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक एवं सामुदायिक संसाधनों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल आजीविका और इको-टूरिज्म आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”
उन्होंने संबंधित समितियों को निर्देशित किया कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से मछली पालन, मुर्गी पालन, बांस शिल्प और अन्य आजीविका गतिविधियाँ वन प्रबंधन समितियों के जरिए संचालित की जाएँ। इससे ग्रामीणों की आयवृद्धि के साथ संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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🌱 पर्यटन विकास की दिशा में योजनाएँ
निरीक्षण के दौरान वनमंडलाधिकारी ने भक्तिन बांध और झिरिया बांध को पर्यटन दृष्टि से विकसित करने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए —
नेचर ट्रेल (Nature Trail) का निर्माण,
बर्ड वॉचिंग पॉइंट की स्थापना,
सामुदायिक विश्राम स्थल का निर्माण,
तथा स्थानीय उत्पादों की बिक्री केंद्र (Local Product Outlet) की स्थापना।
इन गतिविधियों से क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
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📍 स्थानीय संसाधन और भागीदारी
वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार पैकरा (देवपुर) ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन संभावनाएँ और वर्तमान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
निरीक्षण के दौरान वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, संबंधित वन प्रबंधन समिति के सदस्य तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
