🇮🇪 आयरलैंड में राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथियों की ऐतिहासिक जीत कैथरीन कोनोली बनीं नई राष्ट्रपति — मजदूर वर्ग की बेटी ने रचा इतिहास

TEJASWI NATH SONI

October 28, 2025

(आलेख : विजय प्रसाद | अनुवाद : संजय पराते)

 

 

 

🔹 गॉलवे से आयरलैंड के राष्ट्रपति भवन तक का सफर

 

आयरलैंड में वामपंथियों ने एक बार फिर इतिहास रचा है। 68 वर्षीय कैथरीन कोनोली देश की नई राष्ट्रपति चुनी गई हैं। वे आयरलैंड के प्रसिद्ध समाजवादी राष्ट्रपति माइकल डी. हिगिंस (माइकल डी) की उत्तराधिकारी होंगी, जिन्होंने 2011 से 2025 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए।

 

कोनोली, जो गॉलवे शहर से ताल्लुक रखती हैं, एक मजदूर वर्गीय परिवार से आती हैं। वे 14 भाई-बहनों में नौवीं संतान थीं। उनकी माँ के निधन के बाद पिता ने घर की ज़िम्मेदारी बड़े बच्चों को सौंपी। बचपन से ही सेवा और अनुशासन उनके जीवन का हिस्सा रहा — यही संस्कार आगे चलकर उनके समाजवादी विचारों की नींव बने।

 

 

 

🔹 राजनीति में प्रवेश और सामाजिक संघर्षों से जुड़ाव

 

कैथरीन कोनोली ने 1999 में गॉलवे सिटी काउंसिल के लिए चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वे 2004-05 में गॉलवे की मेयर भी बनीं। दिलचस्प बात यह है कि माइकल डी. हिगिंस भी कभी इसी शहर के मेयर रह चुके थे। हिगिंस ने ही कोनोली को राजनीति में आने और लेबर पार्टी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया था।

 

कोनोली ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा आम जनता, खासकर मजदूर वर्ग और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई। वे कहती हैं कि उन्होंने “26 साल पहले राजनीति में प्रवेश किया क्योंकि आवास संकट ने युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया था।”

 

 

 

🔹 आयरलैंड का सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य

 

आयरलैंड ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विभाजित देश है — दक्षिण का आयरलैंड गणराज्य (52 लाख जनसंख्या) स्वतंत्र है, जबकि उत्तरी आयरलैंड (15 लाख) अब भी यूनाइटेड किंगडम के नियंत्रण में है। दुनिया भर में लगभग 5 से 8 करोड़ लोग आयरिश मूल के हैं, जिनमें से अधिकांश अमेरिका में रहते हैं।

 

1990 के दशक में आयरलैंड ने “सेल्टिक टाइगर” के रूप में आर्थिक उछाल देखा, लेकिन वित्तीय उदारीकरण ने आवास संकट, बेरोज़गारी और असमानता को जन्म दिया। डबलिन जैसे शहरों में अब भी एक शिक्षक का पूरा वेतन सिर्फ किराए में चला जाता है।

 

कोनोली ने अपने पूरे चुनाव अभियान में इन सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को प्रमुख मुद्दा बनाया।

 

 

 

🔹 वामपंथी गठबंधन का समर्थन

 

स्वतंत्र उम्मीदवार होने के बावजूद कोनोली को वामपंथी दलों और सामाजिक संगठनों का जबरदस्त समर्थन मिला। उनके समर्थन में शामिल प्रमुख दल थे —

 

सिन फेन (आयरलैंड की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी)

 

लेबर पार्टी

 

ग्रीन पार्टी

 

पीपुल बिफोर प्रॉफिट,

 

आयरिश कम्युनिस्ट पार्टी,

 

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी,

 

वर्कर्स पार्टी आदि।

 

 

यह समर्थन केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि यह आयरिश गणराज्य के एकीकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में जनता की नई उम्मीद का प्रतीक है।

 

 

 

🔹 अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर स्पष्ट रुख

 

कैथरीन कोनोली का दृष्टिकोण केवल घरेलू मुद्दों तक सीमित नहीं है। उन्होंने खुलकर अमेरिकी साम्राज्यवाद और इज़राइल के फ़िलिस्तीन विरोधी रवैये की आलोचना की है।

जून 2025 में उन्होंने इज़राइल को “आतंकवादी राज्य” करार दिया था। वे माइकल डी की तरह ही आयरलैंड की तटस्थता की नीति को मजबूत करने की पक्षधर हैं।

 

 

 

🔹 भविष्य की दिशा

कैथरीन कोनोली ने घोषणा की है कि वे “पूरे देश का प्रतिनिधित्व करेंगी, लेकिन उनकी आवाज़ मजदूर वर्ग, युवाओं और उत्पीड़ितों की होगी।”

उनका राष्ट्रपति पद केवल एक संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक नेतृत्व और सामाजिक न्याय का मंच बनने जा रहा है।

 

 

 

🔹 लेखक और अनुवादक के बारे में

विजय प्रसाद भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक, इतिहासकार और ट्राइकॉन्टिनेंटल: इंस्टीट्यूट फॉर सोशल रिसर्च के कार्यकारी निदेशक हैं।

अनुवादक संजय पराते, अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं।

सह संपादक

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