पिथौरा। 7 मई 2026 वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत मादा नीलगाय के अवैध शिकार मामले में फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों ने बुधवार को वन विभाग के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद वन विभाग ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर मामले की गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र पिथौरा के परिवृत्त पूर्व पिथौरा अंतर्गत परिसर सुखीपाली के कक्ष क्रमांक 234 के समीप शांतिनगर (सुखीपाली) में 4 मई 2026 को मादा नीलगाय के अवैध शिकार की घटना सामने आई थी। मामले में फरार आरोपी (1) ईश्वर राणा पिता मनीराम राणा, जाति कुम्हार, (2) टंकधर पिता सीताराम, जाति सतनामी एवं (3) विद्याधर पिता ललित प्रधान, उम्र 50 वर्ष, निवासी शांतिनगर सुखीपाली, तहसील पिथौरा, जिला महासमुंद ने वन परिक्षेत्र कार्यालय पिथौरा पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
वन विभाग ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।
यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी सामान्य वनमंडल महासमुंद श्री मयंक पाण्डेय के निर्देश एवं संयुक्त वनमंडलाधिकारी उप वनमंडल पिथौरा सुश्री डिम्पी बैस के मार्गदर्शन में की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री सुखराम निराला के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई में वनपाल एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी श्री ललित कुमार पटेल, वनरक्षक श्री कोकिलकांत दिनकर, सुश्री पुष्पा नेताम, श्री विरेन्द्र बंजारे, श्रीमती प्रभा ठाकुर सहित अन्य वन कर्मचारी एवं सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।