बलौदाबाजार, 24 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच अब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम करेगी। खाद्य नमूनों की जांच में गुणवत्ता या स्वच्छता संबंधी कमी पाए जाने पर संबंधित स्व-सहायता समूह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें कार्य से पृथक भी किया जा सकता है। यह निर्णय शुक्रवार को कलेक्टर कुलदीप शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड के विद्यालयों से हर 15 दिन में मध्यान्ह भोजन के रैंडम सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई में लापरवाही मिलने पर संबंधित समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने आगामी 15 अगस्त तक जिले के 50 विद्यालयों को फाइव स्टार रेटिंग दिलाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए दैनिक मेन्यू के अनुसार ही गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में स्वैच्छिक आधार पर ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने और इसमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को दिए।
बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने बीईओ एवं बीआरसी को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में उपस्थिति कम होगी, वहां के प्राचार्य एवं बीईओ को पहले नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर उपस्थिति वाले विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रधान पाठकों को सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा आरएसबीवाई के तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर जुलाई माह के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जांच पूरी कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. मरावी सहित जिला स्तरीय निगरानी समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।