रिकोकला में भगवान जगन्नाथ स्वामी की निकली रथयात्रा , पूरा गाँव हुआ भक्तिमय।

रिकोकला – प्रत्येक वर्ष कि भांति इस वर्ष भी रिकोकला गाँव में समस्त शुक्ला परिवार के आयोजन में जगन्नाथ भगवान कि रथयात्रा निकली।रथयात्रा का उत्सव बड़े धूम धाम से व भक्ति के आनंद लेते हुए पूरे रिकोकला गाँव वासियों ने त्यौहार के रूप में मनाया गया। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की एक झलक पाने व जीवन कों धन्य बनाने लोग उत्साहित रहते है।प्रति वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के द्वितीया से भगवान जगन्नाथ, भद्रा एवं देवी सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली जाती है।*
*पुरी में रथ यात्रा महोत्सव को एक पर्व के रूप में मनाया जाता है और यह पर्व 10 दिनों तक मनाया जाता है। पुरी के बाद कसडोल विकासखंड के सैकड़ों गाँव में रथयात्रा का त्यौहार मनाते है।प्रभु जी के आशीर्वाद पाने सभी अपना जीवन धन्य बनाने कि मनोकामनाएं लेकर प्रभु की यात्रा देखने आते है।

*बता दें कि प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा गुरुवार शाम 4 बजे जगन्नाथ मंदिर ठाकुरदिया से होते हुए बाजार चौक तक निकली। रैली में लोग घर के बाहर भगवान जगन्नाथ जी की पूजा कर आशीर्वाद लिए। इस दौरान पूरा गाँव भक्तिमय हो गया और भगवान की कृपा से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।*
*”शुक्ला परिवार के द्वारा होता रहा है आयोजन”*
*रिकोकला गाँव में रथयात्रा त्यौहार का आयोजन शुक्ला परिवार के सौजन्य से होते आया है। जिसमें समस्त ग्राम वासी रिकोकला एवं गाँव के प्रमुख जन अपने भाग्य चमकाने प्रभु का रथ खिंचते है। इसी परम्परा कों आगे बढ़ाने गुरुवार कों भी रथ खींचने शुक्ला परिवार के संग-संग गाँव के सरपंच, गाँव के पंच गाँव के सभी वरिष्ठ जन और भक्तजन भी आगे आकर प्रभु का आशीर्वाद पाने कों उत्साहित नज़र आयें।जगन्नाथ स्वामी कि यात्रा के दौरान हल्की बूंदा बांदी भी देखने कों मिली जिससे किसान के चेहरे में भी चमक नज़र आई। सभी गाँव के प्रमुख जन व भक्तजनों ने प्रभु से धन धान्य के भरपूर पैदावार हेतु भी मनोकामनाएं पूरी करने आशीर्वाद माँगा।*