बलौदाबाजार। 29 जुलाई 2026 रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है। जिला पंचायत बलौदाबाजार एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से लाहोद क्लस्टर की करीब 150 महिलाओं ने धान के बीजों से आकर्षक एवं पर्यावरण अनुकूल राखियां और बैज तैयार किए हैं।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल की थीम “भाई की कलाई पर प्यार, धरती मां को उपहार” रखी गई है। धान के बीजों से तैयार ये राखियां केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि किसानों के सम्मान, प्रकृति संरक्षण, हरियाली और आत्मनिर्भर भारत का संदेश भी देती हैं।
लाहोद क्लस्टर के 7 से 8 स्व-सहायता समूहों की महिलाएं इन राखियों और बैजों का निर्माण कर स्थानीय हाट-बाजारों एवं विभिन्न आयोजनों में बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इससे पहले भी ये समूह आचार, पापड़, इमली लाटा, साबुन और अन्य उत्पाद बनाकर लाखों रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर चुके हैं।
बिहान की दीदियों ने बताया कि शासन की योजनाओं से जुड़कर उन्हें नई पहचान, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण मिला है। धान से राखियां बनाने जैसी रचनात्मक पहल ने उनकी प्रतिभा को नई दिशा दी है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
रक्षाबंधन पर धान के बीजों से बनी ये अनूठी राखियां प्रेम, प्रकृति, कृषि और महिला सशक्तिकरण का संदेश एक साथ दे रही हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक प्रेरणादायक कदम साबित हो रही है।