हसौद। राजा गुरु बालक दास जी की जयंती के अवसर पर ग्राम भनेतरा निवासी पितांबर सतनामी ने सामाजिक चेतना, समानता, स्वाभिमान और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने राजा गुरु बालक दास जी के विचारों एवं सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सतनाम आंदोलन की विचारधारा को गांव-गांव और शहर-शहर तक ले जाने का आह्वान किया।
पितांबर सतनामी ने कहा कि परम पूजनीय गुरु घासीदास जी के द्वितीय पुत्र एवं वीर बलिदानी राजा गुरु बालक दास जी का जीवन सामाजिक न्याय, स्वाभिमान, समानता और जागरूकता के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है। उनके विचारों को केवल जयंती या विशेष अवसरों तक सीमित रखने के बजाय समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से लोगों के बीच निरंतर संवाद और जनजागरूकता का प्रयास किया जाएगा। समाज के लोगों को आपसी भाईचारा, सद्भाव और समानता के महत्व से जोड़ने की दिशा में पहल की जाएगी।
पितांबर सतनामी ने कहा कि जातिगत भेदभाव, छुआछूत, उत्पीड़न और सामाजिक असमानता जैसी बुराइयां आज भी समाज के लिए चुनौती हैं। इनके खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना समय की आवश्यकता है। सतनाम आंदोलन के मूल संदेशों के माध्यम से समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, वर्ग या सामाजिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए। ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को व्यवहारिक जीवन में उतारने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
पितांबर सतनामी ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। युवा पीढ़ी को महापुरुषों के संघर्ष, विचारों और सामाजिक संदेशों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकें।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को सामाजिक एकता, सद्भाव, समानता, शिक्षा और स्वाभिमान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल किसी एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर निरंतर सामाजिक चेतना अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प है।
राजा गुरु बालक दास जी की जयंती पर पितांबर सतनामी ने उनके विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित करते हुए सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता पैदा की जाएगी और समानता, भाईचारे तथा सामाजिक सम्मान की भावना को मजबूत किया जाएगा।
राजा गुरु बालक दास जी की जयंती का अवसर सामाजिक चेतना और एकता के संकल्प को आगे बढ़ाने का माध्यम बना। पितांबर सतनामी ने उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सतनाम आंदोलन के सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उनका कहना है कि समाज की एकता, स्वाभिमान और समानता को मजबूत करना प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।