नया सवेरा जन कल्याण समिति ने असहाय बुजुर्ग को दिलाया नया जीवन

SARJU PRASAD SAHU

July 6, 2026

“जब अपने भी साथ छोड़ दें, तब इंसानियत ही सबसे बड़ा सहारा बनती है”

बलौदाबाजार। नया सवेरा जन कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ समाज सेवा के अपने संकल्प को निरंतर सार्थक रूप दे रही है। समिति ने एक बार फिर मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गिरौधपुरी धाम के समीप वर्षों से अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे एक असहाय बुजुर्ग का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित रूप से वृद्धाश्रम में आश्रय दिलाया।

समिति की अध्यक्ष श्रीमती लता अजय साहू के नेतृत्व में संचालित इस सेवा अभियान में उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समाज के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। समिति ने बताया कि इससे पूर्व भी अनेक असहाय पुरुषों, महिलाओं एवं युवाओं को शासन-प्रशासन तथा समाज के सहयोग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है।

स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर समिति की टीम बलौदाबाजार से लगभग 45–50 किलोमीटर दूर स्थित गिरौधपुरी धाम पहुंची। वहां बुजुर्ग से बातचीत के दौरान पता चला कि उन्होंने लगभग 35 वर्षों तक बाबा जी की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया था। परिवार और सांसारिक जीवन से दूर रहकर उन्होंने सेवा को ही अपना धर्म बनाया, किंतु अब वे पूरी तरह असहाय होकर जीवन व्यतीत करने को विवश थे।

स्थिति का गंभीरता से अवलोकन करने के बाद समिति की टीम उन्हें सम्मानपूर्वक बलौदाबाजार लेकर आई। सबसे पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके पश्चात समाज कल्याण विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर उन्हें सुरक्षित रूप से वृद्धाश्रम में प्रवेश दिलाया गया, जहां वर्तमान में अन्य बुजुर्ग भी निवास कर रहे हैं। समिति की ओर से उन्हें वस्त्र एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।

इस रेस्क्यू अभियान में अजय साहू, वरिष्ठ पत्रकार एवं BSS के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोती लाल बंजारे, डेरहा डहरिया, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण साहू, सह सचिव रुकमणी यादव, तरुण सिंधे सहित समिति के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

उल्लेखनीय है कि समिति ने एक दिन पूर्व ही अपने प्रधान कार्यालय, बलौदाबाजार में विशाल रक्तदान महादान शिविर का सफल आयोजन किया था। इसके अगले ही दिन इस मानवीय रेस्क्यू अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कर समिति ने सेवा एवं समर्पण की अपनी भावना को एक बार फिर सार्थक सिद्ध किया।

समिति का स्पष्ट संकल्प है कि समाज का कोई भी बुजुर्ग, असहाय अथवा जरूरतमंद स्वयं को अकेला महसूस न करे। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

समिति की सह सचिव रुकमणी यादव ने सभी सदस्यों एवं समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग, श्रमदान, समयदान एवं मानसिक सहयोग के रूप में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज के लिए अधिक प्रभावी एवं व्यापक सेवा कार्य किए जा सकते हैं।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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