महतारी वंदन योजना बनी गायत्री साहू का संबल: दुखों के पहाड़ के बीच ‘आत्मनिर्भरता’ की नई उड़ान

BIRENDRA KUMAR SEN

April 13, 2026

महतारी वंदन योजना बनी गायत्री साहू का संबल: दुखों के पहाड़ के बीच ‘आत्मनिर्भरता’ की नई उड़ान

बलौदाबाजार-भाटापारा | 13 अप्रैल 2026

​छत्तीसगढ़ सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की महिलाओं के स्वाभिमान का प्रतीक बनती जा रही है। अमेरा की रहने वाली गायत्री साहू के लिए यह योजना उस वक्त सहारा बनी, जब उनके जीवन में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

​पति के आकस्मिक देहांत के बाद गायत्री के सामने परिवार के भरण-पोषण की बड़ी चुनौती थी। मुखिया का साया उठने से भविष्य अंधकारमय लगने लगा था। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना ने उनकी राह रोशन की।

​योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि को गायत्री ने केवल खर्च नहीं किया, बल्कि इसे अपनी आत्मनिर्भरता की नींव बनाया। अपनी बचत और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने गाँव में ही एक फैंसी दुकान शुरू की है। आज वह न केवल अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रही हैं, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी बन गई हैं।

​भावुक होते हुए गायत्री कहती हैं:

​”जब मुझे सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब यह योजना एक सच्चे सहारे के रूप में आई। इस राशि ने मुझे आर्थिक तंगी से लड़कर अपने पैरों पर खड़ा होने का साहस दिया है।”

 

​गायत्री की यह सफलता आज छत्तीसगढ़ की सशक्त होती नारीशक्ति की एक जीवंत तस्वीर है।

मुख्य बिंदु:

  • योजना: महतारी वंदन योजना (छत्तीसगढ़ सरकार)
  • लाभार्थी: गायत्री साहू (ग्राम – अमेरा)
  • प्रभाव: आकस्मिक संकट के बाद स्वरोजगार (फैंसी दुकान) की शुरुआत।
  • प्रशासनिक संदर्भ: क्रमांक /49

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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