स्वतंत्रता दिवस पर बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का बढ़ा मान: 11 जांबाज अधिकारी व कर्मचारी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित
बलौदाबाजार:
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के लिए यह दिन अत्यंत गौरवशाली रहा। जिला मुख्यालय स्थित पंडित चक्रपाणि शुक्ल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान जिले के 11 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी निष्ठा, अदम्य साहस और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने ध्वजारोहण और परेड की सलामी लेने के बाद इन जांबाजों को मंच पर सम्मानित किया। यह सम्मान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय (IPS) के कुशल मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जन-सुरक्षा, साइबर तकनीकी अनुसंधान और सुगम यातायात प्रबंधन में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दिया गया।
इन 11 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
- निरीक्षक हेमंत पटेल (थाना भाटापारा ग्रामीण): अंतरराज्यीय एवं लूटमार करने वाले खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी में साहसिक प्रदर्शन।
- सहायक उप निरीक्षक मेघनाथ बंजारे (रक्षित केंद्र): बेहतर एवं उत्कृष्ट कार्य प्रबंधन।
- प्रधान आरक्षक (31) राजेश चंद्राकर (थाना पलारी): प्रभावी एवं उत्कृष्ट अपराध विवेचना।
- आरक्षक (406) राजकुमार ध्रुव (थाना कसडोल): सौंपे गए दायित्वों का तत्परता से त्वरित निराकरण।
- आरक्षक (879) विनय पटेल (जिला विशेष शाखा): प्रभावी खुफिया (Intelligence) संकलन।
- आरक्षक (401) त्रिलोकी नाथ वर्मा (थाना भाटापारा ग्रामीण): स्थायी वारंट तामील कराने में उल्लेखनीय कार्य।
- आरक्षक (768) राजकुमार ध्रुव (पुलिस अधीक्षक कार्यालय): बेहतर एवं उत्कृष्ट कार्य प्रबंधन।
- आरक्षक (854) शंकर पैकरा (थाना लवन): CCTNS प्रणाली में लगातार प्रभावी कार्य।
- आरक्षक (832) गुमान जायसवाल (थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार): कर्तव्य के दौरान अनुकरणीय अनुशासन का प्रदर्शन।
- आरक्षक (279) मोहन मेश्राम (साइबर सेल): अपराधियों की पहचान व धरपकड़ में तकनीकी दक्षता।
- आरक्षक (335) देवेन्द्र पुरैना (यातायात बलौदाबाजार): यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन में उत्कृष्ट योगदान।
पुलिस अधीक्षक ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय (IPS) ने सम्मानित सभी पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा:
“यह सम्मान पूरी जिला पुलिस टीम के समर्पण, कठिन परिश्रम और जनसेवा के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है। यह उपलब्धि अन्य पुलिसकर्मियों को भी नागरिकों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित करेगी।”
