

रिपोर्टर टेकराम कोसले
छुरा/गरियाबंद: जनपद पंचायत छुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपराही इन दिनों गंभीर विवादों के केंद्र में है। पंचायत के सरपंच और उपसरपंच के खिलाफ पंचों का असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। पंचायत के पंचगणों ने संयुक्त रूप से दोनों जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है और इस संबंध में प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, प्रशासन को सौंपा आवेदन
पंचों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) छुरा तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत छुरा को संबोधित आवेदन में पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पंचों का आरोप है कि लंबे समय से पंचायत में प्रशासनिक अनियमितताएं और पारदर्शिता की कमी बनी हुई है, जिससे ग्राम विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप
पंचगणों ने वित्तीय वर्ष अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक पंचायत के आय-व्यय की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना ग्राम पंचायत की मासिक बैठक, ग्रामसभा और प्रस्ताव के ही शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है।
इसके अलावा कई कार्य बिना किसी स्वीकृत प्रस्ताव के कराए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे पंचायत की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामसभा और बैठकों की अनदेखी
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत में नियमित मासिक बैठकों का आयोजन नहीं किया जा रहा है। ग्रामसभा में आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत नहीं किया जाता, जिससे पंचों को निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा जा रहा है। पंचों का कहना है कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और पंचायत संचालन एकतरफा हो गया है।
GPDP निर्माण में मनमानी का आरोप
पंचों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) का निर्माण बिना किसी बैठक और पंचों की सहमति के किया गया है। आरोप है कि सरपंच पति द्वारा मनमाने तरीके से योजना तैयार की गई, जबकि उपसरपंच पर भी बिना सहमति कार्य कराने के आरोप लगे हैं।
सचिव की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
पंचों ने पंचायत सचिव नारद पटेल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सचिव महीनों तक पंचायत में उपस्थित नहीं रहते, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। जानकारी मांगने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।
पंचों की प्रमुख मांगें
पंचगणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
पंचायत के आय-व्यय का पूर्ण विवरण सार्वजनिक किया जाए
बिना प्रस्ताव किए गए कार्यों की जांच कराई जाए
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
जांच पूरी होने तक पंचायत के वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई जाए
प्रशासन का पक्ष
इस मामले में जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतीश चंद्रवंशी ने बताया कि पंचों द्वारा सरपंच एवं उपसरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने हेतु आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसे अनुविभागीय अधिकारी (SDM) छुरा को अग्रेषित कर दिया गया है। नियमानुसार 15 दिनों के भीतर इस पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक माह पूर्व सरपंच एवं सचिव के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
पिपराही पंचायत में उत्पन्न यह विवाद अब प्रशासनिक जांच के दौर में पहुंच चुका है। यदि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो पंचायत की वर्तमान नेतृत्व व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी निष्पक्षता और तत्परता से कार्रवाई करता है और पंचायत स्तर पर पारदर्शिता व सुशासन को किस तरह सुनिश्चित किया जाता है।