रायपुर, 23 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ की साहित्यिक धरोहर, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का आज अपराह्न 4:58 बजे रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है।
विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के उन विशिष्ट रचनाकारों में थे, जिन्होंने अपनी सरल, संवेदनशील और गहन मानवीय दृष्टि से कविता और गद्य को नई ऊँचाइयाँ दीं। उनकी रचनाओं में आम आदमी का जीवन, उसकी पीड़ा, सपने और संघर्ष अत्यंत सहज भाषा में अभिव्यक्त होते थे। यही कारण है कि उनकी कृतियाँ पाठकों और आलोचकों—दोनों के बीच समान रूप से प्रतिष्ठित रहीं।
ज्ञानपीठ पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत विनोद कुमार शुक्ल का साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनका रचनात्मक अवदान हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर के रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा।
उनके निधन की खबर से साहित्यकारों, पाठकों, शिष्यों और शुभचिंतकों में शोक की लहर है। साहित्य जगत ने एक ऐसी सशक्त, विनम्र और मौन साधक आवाज़ खो दी है, जिसने शब्दों के माध्यम से मनुष्य और समाज को नई दृष्टि दी।