SARJU SAHU

August 22, 2025

,हेडलाइन:

अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमाओं के निर्माण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

 

उपशीर्षक:

कटघोरा में स्थापित प्रतिमा की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पूरे प्रदेश में बनी प्रतिमाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग

 

कोरबा। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) ने छत्तीसगढ़ में “अटल परिसर” योजना के तहत स्थापित भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कोरबा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि प्रतिमा निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंका है।

 

संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में स्थापित अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जहां स्वीकृति एवं प्रचार में धातु (मेटल) की प्रतिमा स्थापित किए जाने की बात कही गई थी, वहीं वास्तविकता में सीमेंट अथवा कंक्रीट से निर्मित प्रतिमा स्थापित कर दी गई। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि पहली ही बरसात में प्रतिमा का बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर धुलने लगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह गहरा गया है।

 

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं, बल्कि भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई के सम्मान के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। संगठन ने आशंका जताई है कि इसी प्रकार की अनियमितताएं राज्य के अन्य नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में “अटल परिसर” योजना के तहत स्थापित प्रतिमाओं के निर्माण में भी हुई हो सकती हैं।

 

ज्ञापन में संगठन ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने की आवश्यकता भी बताई गई है।

 

संगठन की प्रमुख मांगें

 

केंद्र स्तर पर पूरे मामले की जांच के लिए स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया जाए।

 

छत्तीसगढ़ में “अटल परिसर” योजना के अंतर्गत स्थापित सभी अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमाओं की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, स्वीकृत डिजाइन एवं व्यय की विस्तृत जांच कराई जाए।

 

प्रतिमा निर्माण से संबंधित निविदा, अनुबंध, भुगतान, गुणवत्ता परीक्षण तथा अन्य अभिलेखों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।

 

 

निष्कर्ष

” फिलहाल ये आरोप छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में लगाए गए हैं। संबंधित सरकारी विभागों या निर्माण एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में जांच की मांग पर क्या निर्णय लेता है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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