पूर्व विधायक शकुंतला साहू सहित राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र की हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि, मेडिकल जगत के साथियों और शुभचिंतकों ने शोकाकुल परिवार को बंधाया ढांढस

ठेलकी। सौम्यता उनकी सुगंध थी, आनंद उनका जीवन था, सत्कर्म उनकी शोभा और परोपकार उनका कर्तव्य था। इन पंक्तियों में लच्छनपुर के मेडिकल संचालक एवं पूर्व सरपंच गोविंद साहू के व्यक्तित्व की झलक दिखाई देती है। उनके निधन के बाद आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शनिवार को ग्राम ठेलकी स्थित उनके निज निवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे जनप्रतिनिधियों, समाज के पदाधिकारियों, राजनीतिक नेताओं, मेडिकल व्यवसाय से जुड़े मित्रों और ग्रामवासियों ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दुख की इस घड़ी में अपनों की मौजूदगी ने रिश्तों की आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को सामने रखा।
गोविंद साहू का दाह संस्कार 8 अक्टूबर को किया गया था। शनिवार, 17 अक्टूबर को आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में उनके परिचितों, मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के दुख में सहभागी बनकर सभी ने परिजनों को ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दिया।
पूर्व विधायक शकुंतला साहू सहित कई प्रमुख हस्तियां पहुंचीं

दशगात्र कार्यक्रम में पूर्व विधायक शकुंतला साहू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता खिलेंद्र वर्मा, गुलाब यदु, अमृत साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष गोपी साहू तथा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर सहित अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। सभी ने दिवंगत गोविंद साहू को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।
सरपंच और साहू समाज के पदाधिकारियों ने भी दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में लच्छनपुर के सरपंच भूपेंद्र साहू, साहू समाज परिक्षेत्र अध्यक्ष उमाशंकर साहू, खेमराम साहू एवं मनहरण साहू सहित समाज के अन्य लोगों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर दुख साझा किया। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को आत्मीयता और संवेदना का स्वरूप दिया।
मेडिकल जगत के मित्रों ने याद किए साथ बिताए पल
लच्छनपुर में मेडिकल संचालक के रूप में पहचान रखने वाले गोविंद साहू के मेडिकल व्यवसाय से जुड़े मित्र भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उनके मित्र बृजमोहन साहू, आजूराम सहित मेडिकल लाइन से जुड़े अन्य साथियों और क्षेत्र के मित्रों ने दिवंगत को याद करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मित्रों की मौजूदगी ने यह दर्शाया कि व्यवसाय के साथ बने रिश्ते भी समय के साथ गहरी आत्मीयता में बदल जाते हैं।
पिता और बड़े भाई को खोने का दुख, अपनों ने बढ़ाया संबल
गोविंद साहू, आदित्य साहू एवं शिवम साहू के पिता तथा डिलेश्वर प्रसाद साहू के बड़े भाई थे। उनके निधन से परिवार में गहरा दुख है। दशगात्र कार्यक्रम में परिवारजनों, रिश्तेदारों, ग्रामवासियों और मित्रों ने मिलकर व्यवस्थाएं संभालीं और आयोजन को संपन्न कराया। सभी ने दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
यादों में हमेशा जीवित रहेंगे गोविंद साहू
सौम्यता उनकी सुगंध थी,
आनंद उनका जीवन था।
सत्कर्म उनकी शोभा थे,
परोपकार उनका कर्तव्य था।
किसी व्यक्ति के जीवन की सार्थकता उसके पीछे छूट जाने वाले अच्छे संबंधों और यादों में भी दिखाई देती है। गोविंद साहू के दशगात्र कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों, समाजजनों, मित्रों और ग्रामवासियों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। परिवार के दुख में सहभागी बनकर सभी ने परिजनों को संबल दिया।