महासमुंद पुलिस का 4 राज्यों में बड़ा एक्शन! खैर लकड़ी तस्करी में 1.70 करोड़ नकद जब्त, 70 टन लकड़ी बरामद; हिमाचल से आरोपी गिरफ्तार

SARJU PRASAAD SAHU

October 16, 2026

हिमाचल प्रदेश से फर्जी बिलिंग सिंडिकेट का आरोपी गिरफ्तार, हरियाणा के गोदाम से 15 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त; ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पुलिस की दबिश

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर तस्करी से अर्जित 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। वहीं, हरियाणा के गुरुग्राम स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन अवैध खैर लकड़ी बरामद की गई है। इस पूरे मामले में अब तक विभिन्न राज्यों में कार्रवाई करते हुए कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

हिमाचल प्रदेश से फर्जी बिलिंग सिंडिकेट का आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब से आरोपी सतपाल सिंह (67 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ‘शिव ट्रेडर्स’ फर्म का संचालक बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर फर्जी बिलिंग के माध्यम से खैर लकड़ी की तस्करी को वैध दिखाने वाले नेटवर्क में शामिल था।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर स्थित न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। इसके बाद पुलिस उसे महासमुंद लेकर आई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

गुरुग्राम के गोदाम से 15 टन खैर लकड़ी जब्त

पुलिस टीम ने 10 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम जिले के पटौदी तहसील अंतर्गत ग्राम बहोड़ा कलां में स्थित ‘श्री बालाजी ट्रेडिंग’ के गोदाम में दबिश दी। यह फर्म आरोपी मनीष अग्रवाल से संबंधित बताई गई है। तलाशी के दौरान गोदाम से लगभग 15 टन अवैध खैर लकड़ी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन कार्रवाइयों में अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की गई है।

फर्जी एनओसी और बिलिंग से करोड़ों के लेन-देन का आरोप

यह मामला खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कथित कूटरचना और धोखाधड़ी से जुड़ा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर थाना पिथौरा में 9 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर वास्तविक लकड़ी की आपूर्ति के बिना फर्जी बिल तैयार करते थे। इन बिलों को वैध दिखाने के लिए वन विभाग के फर्जी ट्रांजिट पास तैयार करने और एचएसएन कोड का दुरुपयोग करने का आरोप है।

वित्तीय लेन-देन की जांच में पिछले तीन वर्षों के दौरान बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात भी पुलिस ने कही है।

पहले भी जब्त किए गए थे 81 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, इससे पहले 7 सितंबर 2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान में दबिश देकर 81 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। अब हिमाचल प्रदेश में की गई कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 70 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी जब्त की गई है। पुलिस अपराध से अर्जित रकम की कुर्की और आरोपियों को आर्थिक लाभ से वंचित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत वैधानिक कार्रवाई भी कर रही है।

पहले दो आरोपी भी हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में सतपाल सिंह से पहले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पीयूष इंटरप्राइजेस के संचालक पारितोष मिश्रा और सिंघल इंटरप्राइजेस, संबलपुर के संचालक अखिलेश सिंघल शामिल हैं। दोनों को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है। अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की जांच भी जारी है।

महासमुंद पुलिस का कहना है कि अवैध वनोपज परिवहन, फर्जी दस्तावेजों और संगठित आर्थिक अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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