
ठेलकी।गांव को अपना घर मानकर उसकी साफ-सफाई में जुटी स्व सहायता समूह की दीदियां इन दिनों अपने काम से लोगों का ध्यान खींच रही हैं। ग्राम पंचायत प्रांगण से लेकर गांव के तालाब और गली-मोहल्लों तक ये महिलाएं नियमित रूप से साफ-सफाई करती नजर आती हैं। हाथों में झाड़ू लेकर निकलने वाली इन दीदियों की पहल स्वच्छता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दे रही है।
घर को साफ रखना हर किसी की आदत होती है, लेकिन गांव के सार्वजनिक स्थानों को भी अपने घर की तरह स्वच्छ रखने की सोच हर जगह देखने को नहीं मिलती। ग्राम पंचायत ठेलकी की स्व सहायता समूह की माताएं इसी सोच को जमीन पर उतार रही हैं। पंचायत परिसर हो, तालाब के आसपास का क्षेत्र हो या गली-मोहल्ले और रास्ते, महिलाएं सफाई के जरिए गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
सिर्फ झाड़ू नहीं लगा रहीं, लोगों की सोच भी बदल रहीं

इन दीदियों की खास बात यह है कि वे केवल सफाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने काम से ग्रामीणों को भी जागरूक कर रही हैं। उनका प्रयास लोगों को यह समझाने का है कि गांव की स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या पंचायत की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर ग्रामीण की भागीदारी से ही संभव है।
महिलाओं की नियमित मेहनत को देखकर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। उनकी यह पहल समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश कर रही है।
गांव की गलियों से तालाब तक, इन दीदियों का एक ही संदेश है— अपना घर ही नहीं, अपने गांव को भी साफ रखें। क्योंकि गांव की पहचान सिर्फ उसके नाम से नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता और सुंदरता से भी होती है।