नाबालिग आत्महत्या मामला: पुलिस की कथित लापरवाही के खिलाफ राष्ट्रपति तक पहुंची गुहार, SIT जांच की मांग
कोरबा (छत्तीसगढ़): हरदी बाजार क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी मुस्कान चौहान की कथित आत्महत्या का मामला अब तूल पकड़ चुका है। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने और पुलिस द्वारा समय पर शिकायत दर्ज न किए जाने के आरोपों के बाद, यह मामला देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संज्ञान में लाया गया है। सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, आरोपी निखिल कंवर और उसके परिवार द्वारा सोशल मीडिया पर पीड़िता की तस्वीरें वायरल कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सामाजिक अपमान से आहत होकर मृतका के पिता 21 और 22 जुलाई 2026 को शिकायत लेकर हरदी बाजार थाने पहुंचे थे, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनकी फरियाद नहीं सुनी और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 24 जुलाई 2026 को किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
- स्वतंत्र जांच: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (SIT) या सीबीआई (CBI) का गठन किया जाए और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सार्वजनिक हो।
- डिजिटल साक्ष्यों की जब्ती: आरोपी पक्ष के मोबाइल जब्त कर फोरेंसिक (FSL) जांच कराई जाए, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले जाएं और सोशल मीडिया प्रसार की जांच हो।
- लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: 21 व 22 जुलाई को थाने में तैनात कर्मियों की भूमिका की जांच हो, साथ ही थाने के सीसीटीवी फुटेज व दैनिक रोजनामचा सुरक्षित किए जाएं।
- कड़ी धाराओं में केस: आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक षड्यंत्र, आईटी एक्ट और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्र की प्रतिलिपियां प्रधानमंत्री कार्यालय और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को भी प्रेषित की गई हैं। मामले में अब शासन और पुलिस प्रशासन के आधिकारिक रुख का इंतजार है।