नवाखाई पर्व 15 सितंबर को, 18 सितंबर की छुट्टी पर मोक्ष कुमार प्रधान ने उठाए सवाल; तीजा-नवाखाई के सम्मान में अवकाश बदलने की मांग

SARJU SAHU

August 31, 2026

महासमुंद-बसना। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और सामाजिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण नवाखाई पर्व को लेकर बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने प्रदेश सरकार से शासकीय अवकाश की तिथि में संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब नवाखाई पर्व 15 सितंबर को मनाया जाएगा, तो 18 सितंबर को शासकीय अवकाश घोषित करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने शासन से 18 सितंबर के स्थान पर 15 सितंबर को नवाखाई पर्व का अवकाश घोषित करने की मांग की है।

तीजा और नवाखाई का एक साथ संयोग, 15 सितंबर को विशेष महत्व

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि इस वर्ष लंबे समय बाद ऐसा विशेष संयोग बना है, जब गणेश चतुर्थी के अवसर पर तीजा तिहार और उसके अगले दिन नवाखाई पर्व का आयोजन हो रहा है। 14 सितंबर को महिलाएं तीजा का उपवास रखेंगी और 15 सितंबर को फलाहार के साथ अपना उपवास पूर्ण करेंगी। इसी दिन नवाखाई पर्व भी मनाया जाना है।

तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के लिए आस्था, परंपरा और भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। महिलाएं इस अवसर पर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। वहीं नवाखाई नई फसल, अन्न, प्रकृति और कृषि जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला महत्वपूर्ण लोकपर्व है।

वास्तविक तिथि पर अवकाश देने की मांग

जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि शासन द्वारा नवाखाई के लिए 18 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय परंपराओं के अनुसार पर्व 15 सितंबर को मनाया जाएगा। ऐसे में पर्व के वास्तविक दिन शासकीय अवकाश नहीं होने से नौकरीपेशा लोगों, किसानों और ग्रामीण परिवारों को अपने पारंपरिक आयोजन में शामिल होने में परेशानी हो सकती है।

नवाखाई केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा पर्व है। इस दिन परिवार और समाज के लोग एक साथ मिलकर नई फसल और अन्न के प्रति आभार व्यक्त करते हैं तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाते हैं।

तीजा और नवाखाई दोनों पर्वों का सम्मान जरूरी

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि इस वर्ष 15 सितंबर का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी अवधि में तीजा तिहार की परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं और इसी दिन नवाखाई पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में शासन को दोनों पर्वों की भावनाओं और जनपरंपराओं को ध्यान में रखते हुए अवकाश की तिथि पर पुनर्विचार करना चाहिए।

15 सितंबर को नवाखाई का शासकीय अवकाश घोषित करने से तीजा और नवाखाई दोनों पर्वों की भावनाओं का सम्मान होगा। इससे माताओं-बहनों, किसानों और ग्रामीण अंचल के परिवारों को अपने पारंपरिक पर्व परिवार एवं समाज के साथ मनाने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

शासन से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह

मोक्ष कुमार प्रधान ने प्रदेश सरकार से मांग की कि 18 सितंबर के स्थान पर 15 सितंबर को नवाखाई पर्व का शासकीय अवकाश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और तीज-त्योहारों से है। शासन का दायित्व है कि जनभावनाओं और पारंपरिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए पर्वों की वास्तविक तिथियों के अनुरूप निर्णय लिया जाए।

मोक्ष कुमार प्रधान उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही अवकाश की तिथि में आवश्यक संशोधन करेगी।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि जब नवाखाई पर्व 15 सितंबर को मनाया जा रहा है, तो अवकाश भी उसी दिन होना चाहिए। 18 सितंबर को अवकाश देने से पर्व के वास्तविक दिन कामकाजी लोगों और ग्रामीण परिवारों को अपने पारंपरिक आयोजनों में शामिल होने में कठिनाई हो सकती है। इस वर्ष तीजा और नवाखाई दोनों पर्वों का विशेष संयोग है, इसलिए जनभावनाओं का सम्मान करते हुए 15 सितंबर को अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।

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