
रिपोर्टर टेकराम कोसले
डभरा। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम पंचायत बघौद में निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। द लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट इंडिया के बीआरसी प्रोजेक्ट एवं वीटीसी चांपा द्वारा कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 31 अक्टूबर 2026 को स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए इस सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई।
प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ ग्राम पंचायत बघौद के सरपंच श्री पिताम्बर पटेल, सुंदर साय बंजारे, चन्द्रमणी साहू एवं एसआई बीआरपी नीलम साहू द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं को मिलेगा निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने हुनर को विकसित कर सकें और भविष्य में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। सिलाई का कौशल सीखकर महिलाएं घर से ही रोजगार शुरू करने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में द लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट इंडिया के बीआरसी प्रोजेक्ट से पीआईएफ श्याम चन्द्रा एवं कार्यकर्ता अमिलाल घृतलहरे उपस्थित रहे। वहीं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ अवसर पर जेंडर बीआरपी अनिता घृतलहरे, प्रशिक्षक भुवनेश्वरी साहू सहित ग्राम पंचायत बघौद की बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
ग्रामीण महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को नया कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की संभावनाएं भी विकसित होंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस पहल से ग्राम बघौद की महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।


