छुरा/ गरियाबंद:-डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और आम जनता व छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए UPI लेनदेन को भविष्य में भी पूरी तरह कर एवं शुल्क मुक्त रखने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) छुरा के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत UPI देश के शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में भी डिजिटल लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। रेहड़ी-पटरी संचालकों, छोटे दुकानदारों, स्वरोजगारियों और आम उपभोक्ताओं के दैनिक लेनदेन में UPI की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि UPI लेनदेन पर भविष्य में किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कर अथवा MDR (Merchant Discount Rate) लागू नहीं किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि UPI के निःशुल्क स्वरूप के कारण बड़ी संख्या में लोग नकद के स्थान पर डिजिटल भुगतान को अपना रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर वित्तीय भार बढ़ सकता है।
ज्ञापन में छोटे व्यापारियों और MSME क्षेत्र का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि सीमित मुनाफे में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क उनकी आय और व्यापार को प्रभावित कर सकता है। वहीं, डिजिटल लेनदेन से वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ने और अर्थव्यवस्था में औपचारिक लेनदेन को बढ़ावा मिलने की बात भी कही गई।
ये रखी गई प्रमुख मांगें-
आम नागरिकों और सभी स्तर के व्यापारियों के लिए UPI लेनदेन को शुल्क-मुक्त एवं कर-मुक्त रखा जाए।
डिजिटल भुगतान से जुड़े तकनीकी ढांचे और बैंकों के संचालन खर्च के लिए पूर्व की तरह सरकारी प्रोत्साहन/सब्सिडी व्यवस्था जारी रखी जाए।
आम जनता और छोटे कारोबारियों पर डिजिटल भुगतान का अतिरिक्त वित्तीय भार न डाला जाए।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव रुद्रसेन सिन्हा, लोकसभा अध्यक्ष महेश यादव, जिलाध्यक्ष चमन यादव, जिला महासचिव इरफान खान, ब्लॉक अध्यक्ष खेमसिंग ठाकुर सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार आम जनता, किसानों और छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी।