मैनपाट में उफनती नदी पार करते समय बाइक सवार युवक-युवती बहे; स्थानीय युवक ने 1 किमी दौड़कर बचाई युवती की जान, 3 दिन बाद मिला छात्र का शव
अंबिकापुर:(मैनपाट) छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में उफनती नदी के रपटे को पार करने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। रायपुर में रहकर पढ़ाई करने वाले केरल निवासी दो छात्र बाइक समेत घुनघुट्टा नदी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय युवक की सूझबूझ और अदम्य साहस से युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि लापता युवक का शव तीन दिन बाद एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर बरामद किया।
जानकारी के अनुसार, केरल निवासी यदुकृष्ण (25 वर्ष) और गौरी नंदन (22 वर्ष) रायपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। दोनों 29 अगस्त को ट्रेन से अंबिकापुर पहुंचे और वहां से मैनपाट घूमने गए। मैनपाट में किराए पर बाइक लेकर वे विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहे थे। शाम करीब 5:30 बजे रोपाखार कैंप नंबर-2 के पास घुनघुट्टा नदी के पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद वे उसे पार करने लगे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गई और दोनों तेज धार में बहने लगे।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। स्थानीय युवक शमसुद्दीन तुरंत अपने घर से रस्सी लेकर पहुंचा। तब तक यदुकृष्ण पानी के तेज बहाव में बहकर ओझल हो चुका था। शमसुद्दीन ने नदी में बह रही गौरी को बचाने के लिए कई बार रस्सी फेंकी, लेकिन तेज धार के कारण वह पकड़ नहीं पा रही थी। शमसुद्दीन हार माने बिना नदी किनारे करीब 1 किलोमीटर तक दौड़ता रहा। आखिरकार चौथी-पांचवीं कोशिश में युवती ने रस्सी पकड़ ली और शमसुद्दीन ने उसे सुरक्षित खींचकर बाहर निकाल लिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। युवती को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया और लापता यदुकृष्ण की तलाश शुरू की गई। लगातार तीन दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार को घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर नदी किनारे से युवक का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।