देवाधीदेव सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज भगवान नृसिंहनाथ की शरण में आने से पूर्ण होती हैं सभी मनोकामनाएं 

SARJU SAHU

August 20, 2026

हाँफा के सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज नृसिंहनाथ मंदिर में हर गुरुवार होता है विशेष धार्मिक आयोजन

बिलासपुर। सकरी क्षेत्र के हाँफा स्थित प्रसिद्ध और जाग्रत आध्यात्मिक केंद्र देवाधीदेव सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज भगवान नृसिंहनाथ की महिमा निराली मानी जाती है। स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच ऐसी अटूट आस्था है कि सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान नृसिंहनाथ के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों को मानसिक शांति और संकटों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

प्राचीन काल से ही हाँफा का यह पवित्र स्थल आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रतिदिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज नृसिंहनाथ के दर्शन करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सच्चे भाव से की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती।

सिद्ध पीठ की दिव्यता और आस्था

मुख्य पुजारी आचार्य धनेश उपाध्याय ने भगवान नृसिंहनाथ की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस सिद्ध पीठ की आध्यात्मिक ऊर्जा अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य मानी जाती है। उनके अनुसार श्रद्धालु यहां नियमानुसार पूजा-अर्चना और बघर्रा पाठ महाराज की आराधना करते हैं तो उन्हें विशेष आध्यात्मिक फल की अनुभूति होती है।

आचार्य धनेश उपाध्याय ने कहा कि भगवान नृसिंहनाथ अपने भक्तों की रक्षा उसी प्रकार करते हैं, जिस प्रकार उन्होंने पौराणिक काल में भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान नृसिंहनाथ के स्मरण से नकारात्मक विचारों और भय से मुक्ति मिलती है तथा जीवन की बाधाओं का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है।

हर गुरुवार होता है विशेष धार्मिक आयोजन

मंदिर परिसर में प्रत्येक गुरुवार को मानस भक्तों द्वारा श्री रामचरितमानस का पाठ एवं गायन किया जाता है। इसके साथ ही विशेष पूजन, हवन और महाआरती का आयोजन होता है। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं और धर्म लाभ कमाते हैं।

आचार्य धनेश उपाध्याय के सानिध्य में आयोजित इन धार्मिक कार्यक्रमों से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होता है। श्रद्धालु भगवान नृसिंहनाथ से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

श्रद्धालुओं की सहभागिता से धार्मिक आयोजन सफल

धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पंडित रामकुमार उपाध्याय, पंडित रमेश अवस्थी, पंडित डॉ. महेंद्र दुबे, पंडित संजय तिवारी, पंडित किरण दुबे, सोनल उपाध्याय, पंडित क्रियांश उपाध्याय, हेमाक्षी उपाध्याय, भेदी कैवर्त, पंडित रमेश उपाध्याय, रामलाल कश्यप, अवधेश गुप्ता, पंडित राजेंद्र तिवारी, पंडित केजू राम शर्मा, माधव श्रीवास, कौशल प्रसाद कोरी, सुखाऊ राम कैवर्त, ज्ञानेश कैवर्त सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

हाँफा का सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज भगवान नृसिंहनाथ मंदिर आज भी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां हर गुरुवार होने वाले धार्मिक आयोजनों में भक्त बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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