जैविक खेती, एआई प्रशिक्षण और पीएम सूर्यघर योजना को बढ़ावा देने पर जोर
बिलासपुर। 18 अगस्त 2026 कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को जिला कार्यालय में समय-सीमा (टीएल) की बैठक लेकर राज्य शासन की प्राथमिकता वाली फ्लैगशिप योजनाओं सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और पात्र हितग्राहियों को समय पर शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने रासायनिक खाद के उपयोग को कम करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कोटा विकासखंड के चयनित गांवों को जैविक खेती के मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उमरिया, बेहरामुड़ा और लूफा गांव पहले से चयनित हैं, जबकि मस्तूरी विकासखंड का रिसदा गांव बीज उत्पादन के लिए जाना जाता है।
उन्होंने संबंधित विभागों को इन गांवों में शासन की विभिन्न योजनाओं का बेहतर समन्वय कर किसानों को अधिकाधिक लाभ दिलाने तथा जैविक और उन्नत कृषि के लिए अन्य गांवों को भी प्रेरित करने के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों के शिक्षकों को एआई स्किल का प्रशिक्षण देने की योजना की समीक्षा की गई। रमन यूनिवर्सिटी के सहयोग से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोटा और तखतपुर विकासखंड में प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण को जिले के सभी स्कूलों तक विस्तार देने और शिक्षकों को एआई आधारित आधुनिक तकनीकों से दक्ष बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली यह योजना बिजली खर्च में कमी के साथ स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को शिक्षकों एवं अन्य विभागों की बैठकों में शामिल होकर योजना की पात्रता, प्रक्रिया और लाभ की जानकारी देने के निर्देश दिए। बैठक में योजना का लाभ ले चुके अधिकारियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
एडीएम शिवकुमार बैनर्जी ने बताया कि घर में सोलर प्लांट लगने के बाद उनका बिजली बिल लगभग 4 हजार रुपये से घटकर करीब 1 हजार रुपये रह गया है। जिले में अब तक करीब 6 हजार घरों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
शहर में हाल में सामने आई जलभराव की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को भवनों के नक्शे स्वीकृत करते समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में भूमिगत जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के लिए राज्य शासन ने 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के लिए आवश्यक संरचनाएं विकसित की जाएंगी।
सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन के मामलों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण
कलेक्टर ने सेवा सेतु पोर्टल से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। वहीं सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल शिकायत का निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट करना जरूरी है। उन्होंने शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
अग्रिस्टैक पंजीयन और धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा
टीएल बैठक में खेती-किसानी से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अग्रिस्टैक पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही आगामी धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों को खरीदी से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने और किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा।
टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। जैविक खेती को मॉडल गांवों के माध्यम से बढ़ावा देने, शिक्षकों को एआई तकनीक से प्रशिक्षित करने, सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने, जल संरक्षण और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण जैसे विषयों पर लिए गए निर्देशों से जिले में विकास कार्यों को नई दिशा देने का प्रयास नजर आया। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में कार्य पूरा करने और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।