
रिपोर्टर टेकराम कोसले
कोरबा, 13 अगस्त 2026। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कोरबा में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को तिरंगा यात्रा एवं उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना तथा 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को साक्षरता अभियान से जोड़ना रहा।
डाइट कोरबा के प्राचार्य श्री रामहरि सराफ के मार्गदर्शन में संस्थान के छात्राध्यापकों द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में छात्राध्यापकों के साथ-साथ संस्थान के सभी अकादमिक एवं कार्यालयीन सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगा यात्रा के दौरान देशभक्ति, शिक्षा और साक्षरता से जुड़े संदेशों का प्रसार किया गया।
इसके पश्चात श्रीमती मनीषा जैन, उल्लास प्रभारी के मार्गदर्शन में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नाटक के माध्यम से प्रौढ़ शिक्षा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। छात्राध्यापकों ने यह दर्शाया कि अशिक्षा व्यक्ति के जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न करती है, जबकि साक्षरता जीवन को बेहतर बनाने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आधार प्रदान करती है।
नुक्कड़ नाटक में यह संदेश दिया गया कि सरकार द्वारा संचालित उल्लास साक्षरता अभियान के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के सभी असाक्षर व्यक्तियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षार्थियों ने अपने अभिनय, संवाद और प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया तथा प्रौढ़ शिक्षा से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने छात्राध्यापकों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक प्रयास समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक एवं व्यक्तिगत विकास का सशक्त माध्यम है।
तिरंगा यात्रा एवं जागरूकता कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में श्री लखनलाल धीवर, श्री अरविंद शर्मा, श्रीमती अलकनंदा दत्ता, श्रीमती आशु गुप्ता, श्रीमती पूजा बघेल, श्रीमती रिंकू लोध, श्रीमती नितिशा सुराना, श्रीमती सुहावनी एक्का, श्रीमती मोगरा पटेल, श्रीमती यशोदा देवांगन तथा श्रीमती साहू मैडम सहित संस्थान के समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
उल्लास साक्षरता अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और समाज को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।