सक्ती में संवेदनहीनता की हद: 3 साल से भटक रहा परिवार मासूम बच्चों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

BIRENDRA KUMAR SEN

August 11, 2026

सक्ती में संवेदनहीनता की हद: 3 साल से भटक रहा परिवार मासूम बच्चों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

सक्ती:छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। भोंथिया तहसील के ग्राम आमापाली निवासी संतोष पटेल अपने दो मासूम बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले तीन सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई, तो अब वह अपने पूरे परिवार के साथ भोंथिया तहसील कार्यालय परिसर के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

पीड़ित पिता संतोष पटेल ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी गुड़वनत्तिन पटेल (जन्म: 12 अक्टूबर 2021) और छोटी बेटी दुर्गा पटेल (जन्म: 15 नवंबर 2022) के जन्म पंजीयन के लिए करीब तीन साल पहले ग्राम पंचायत में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया गया था। आरोप है कि पंचायत और तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद आज तक दोनों बच्चियों का जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया।

जन्म प्रमाण पत्र न होने के कारण बच्चियों का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, जिससे उन्हें स्कूल में प्रवेश दिलाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संतोष पटेल ने इससे पहले कलेक्टर जनदर्शन में भी गुहार लगाई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

​लाचार होकर अब संतोष पटेल, उनकी पत्नी नेहा पटेल और उनके मासूम बच्चे भोंथिया तहसील कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं।

पीड़ित परिवार की मुख्य मांगें:

  1. ​दोनों बच्चियों का जन्म पंजीयन एवं जन्म प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए।
  2. ​इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा दंडात्मक कदम उठाया जाए।

​फिलहाल पूरा परिवार कड़ाके की धूप और विपरीत परिस्थितियों के बीच तहसील परिसर में डटा हुआ है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कब तक गंभीरता से लेता है और मासूमों को उनका हक कब तक मिल पाता है।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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