महासमुंद में एनालॉग पनीर पर सख्ती, होटल-रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को चेतावनी, जल्द चलेगा विशेष जांच अभियान

SARJU PRASAD SAHU

August 6, 2026

महासमुंद। जिले में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के उपयोग और बिक्री पर सख्ती शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ के निर्देशों और कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में सोमवार को महासमुंद में खाद्य कारोबारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक का आयोजन उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुंद द्वारा किया गया। इसमें अभिहित अधिकारी, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक, मिठाई निर्माता, डेयरी संचालक, थोक और फुटकर विक्रेता, वितरक सहित बड़ी संख्या में खाद्य व्यवसायी शामिल हुए।

प्रतिबंधित उत्पादों के उपयोग और बिक्री पर पूर्ण रोक

बैठक में खाद्य कारोबारियों को राज्य सरकार द्वारा एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय और खाद्य पदार्थों में उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध की विस्तृत जानकारी दी गई। सभी कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे तत्काल प्रभाव से ऐसे उत्पादों का उपयोग और व्यापार पूरी तरह बंद करें तथा केवल खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप उत्पादों का ही उपयोग एवं विक्रय करें।

कारोबारियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

खाद्य विभाग ने बैठक में कारोबारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि सभी खाद्य सामग्री केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदी जाए। प्रत्येक खरीद का बिल, टैक्स इनवॉइस और स्टॉक रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, ताकि निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकें।

इसके अलावा किसी भी संदिग्ध या प्रतिबंधित उत्पाद का भंडारण अथवा विक्रय नहीं करने तथा होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे पनीर के स्रोत से संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।

कारोबारियों से लिया गया स्वघोषणा-पत्र

बैठक के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों से प्रतिबंध का पालन करने संबंधी स्वघोषणा-पत्र भी प्राप्त किया गया। विभाग का कहना है कि यह कदम खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जल्द शुरू होगा विशेष निरीक्षण अभियान

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई प्रतिष्ठान, डेयरियां, थोक विक्रेता, कोल्ड स्टोरेज और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण किया जाएगा।

आवश्यकता पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा। यदि किसी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित एनालॉग उत्पाद पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील

अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा ने सभी खाद्य कारोबारियों से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंध का पूरी तरह पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित एनालॉग उत्पाद का निर्माण, उपयोग या विक्रय न किया जाए।

साथ ही आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया कि यदि कहीं प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के उपयोग या बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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