सोनाखान/कसडोल। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अंतिम छोर तथा बिलाईगढ़ विधानसभा के वनांचल क्षेत्र स्थित कसडोल विकासखंड के सोनाखान तहसील के कई गांवों में हुई लगातार और अत्यधिक बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में जलभराव और मेढ़ों के टूट जाने से किसानों के सामने खेती बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण खेत पूरी तरह पानी से भर गए हैं। कई स्थानों पर खेतों की मेढ़ें बह गई हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं नदी-नाले उफान पर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
किसानों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में खेतों की मेढ़ों की मरम्मत करना संभव नहीं है। बारिश थमने के बाद प्रत्येक खेत की मेढ़ सुधारने में हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। इसके साथ ही फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका ने किसानों की चिंता और मायूसी बढ़ा दी है।
अतिवृष्टि से प्रभावित प्रमुख गांवों में देवरूम, गोलाझर, चांदन, सुखरी, छठवन, रिकोकला, देवगांव, बागमाड़ा, राजादेवरी, नगेड़ी, नगेड़ा, बानीखार, बिलारी, छाता, निठोरा, मानदीप, नगरदा, कुरमाझर, कोहा जुनवानी, कल्मीडीपा, कुशभाटा, खैरा, बरपानी, सोनपुर, कुशगढ़, थरगांव, अमरूवा, डुमरपाली, रंगोरा, बया, चेचरापाली और पकरीद सहित कई गांव शामिल हैं।
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कराया जाए तथा किसानों को हुई क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए, ताकि वे दोबारा खेती की तैयारी कर सकें।