बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जनपद पंचायत कसडोल अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मातागढ़ तुरतुरिया के संचालन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत भिंभौरी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बावजूद प्रशासन संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय पंचायत को सौंपने के बजाय अन्य व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत भिंभौरी की विधिवत आयोजित ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर मातागढ़ तुरतुरिया का संचालन स्थानीय ग्राम पंचायत के माध्यम से कराने की मांग की गई थी। उनका कहना है कि ग्राम सभा के निर्णय के बावजूद संबंधित अधिकारी प्रस्ताव पर अमल नहीं कर रहे हैं और राजनीतिक प्रभाव में निर्णय लेने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संचालन का दायित्व ग्राम पंचायत को दिया जाता है तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा पर्यटन एवं श्रद्धालुओं से प्राप्त आय का उपयोग क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में किया जा सकेगा। उनका आरोप है कि स्थानीय हितों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
ग्राम पंचायत भिंभौरी की सरपंच दूरपति बाई ठाकुर ने कहा कि ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से पंचायत को संचालन का अधिकार देने का प्रस्ताव पारित किया है और प्रशासन को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम सभा के निर्णय की अनदेखी की गई तो पंचायत एवं ग्रामीण अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि संचालन का अधिकार ग्राम पंचायत को नहीं सौंपा गया, तो वे धरना, प्रदर्शन और चक्काजाम जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों से विरोध दर्ज कराएंगे।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।