बिलाईगढ़ के किसानों को दोहरी फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई नहीं, विधानसभा में विधायक कविता प्राण लहरें ने उठाया मुद्दा
बिलाईगढ़/रायपुर, 14 जुलाई:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरें ने क्षेत्र के किसानों के हितों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने ध्यानाकर्षण के माध्यम से बिलाईगढ़ क्षेत्र में दोहरी फसल उत्पादन के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की।
विधायक कविता प्राण लहरें ने सदन में सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बिलाईगढ़ क्षेत्र से महानदी एवं जोंक नदी जैसी प्रमुख नदियाँ प्रवाहित होती हैं, इसके बावजूद क्षेत्र के अधिकांश किसान सिंचाई सुविधा के अभाव में दोहरी फसल लेने से वंचित हैं। विधायक ने सरकार से क्षेत्र की सिंचित व असिंचित भूमि का ब्यौरा मांगने के साथ ही वर्तमान एवं आगामी सिंचाई योजनाओं की स्थिति पर जानकारी चाही।
सरकार ने विधायक के सवाल का जवाब देते हुए लिखित में यह स्वीकार किया कि बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश किसानों को पर्याप्त सिंचाई न मिलने के कारण वे दूसरी फसल नहीं ले पा रहे हैं। सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए आँकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल सिंचित भूमि: 47,848 हेक्टेयर
- कुल असिंचित भूमि: 17,278 हेक्टेयर
- दोहरी फसल के लिए सिंचित भूमि: मात्र 1,684 हेक्टेयर
सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों के तहत महानदी पर दो नई योजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। इसके साथ ही जोंक नदी से संबंधित सिंचाई योजनाओं पर भी विभागीय कार्यवाही जारी है। इन सभी योजनाओं के पूर्ण होने के बाद, तकनीकी परीक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
“बिलाईगढ़ क्षेत्र पूरी तरह से कृषि प्रधान है। यहाँ के किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। सरकार को महानदी और जोंक नदी के जल का समुचित प्रबंधन कर नई परियोजनाओं को जल्द से जल्द मंजूरी देनी चाहिए, ताकि किसानों को सालभर पानी मिल सके और वे दोहरी फसल लेकर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकें।”
— श्रीमती कविता प्राण लहरें, विधायक (बिलाईगढ़)