बिलासपुर। 11 जुलाई। समाज कल्याण विभाग की पहल से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग द्वारा आयोजित शिविर में वितरित मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने कई हितग्राहियों को न केवल आवाजाही की सुविधा दी है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का नया आत्मविश्वास भी प्रदान किया है।
मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जयरामनगर-खैर निवासी श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। पहले बाजार से फल और अन्य सामान लाने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे रोजमर्रा का काम कठिन हो जाता था। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद अब वे स्वयं बाजार जाकर अपना व्यवसाय आसानी से संचालित कर सकेंगी। बृहस्पति साहू ने कहा कि यह ट्राईसाइकिल उनके लिए नई जिंदगी की तरह है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उन्हें किसी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इसी तरह कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी विष्णु सिंह राजपूत, जो जनरल स्टोर का संचालन करते हैं, पहले दुकान के लिए सामान लाने में काफी परेशानियों का सामना करते थे। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे स्वयं आवश्यक सामग्री खरीदकर अपने व्यवसाय को सुचारु रूप से चला सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा सहारा साबित होगी।
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है। बृहस्पति साहू और विष्णु सिंह राजपूत जैसे हितग्राहियों के लिए मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल अब सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का प्रतीक बन गई है।