फोन या पोर्टल से दर्ज होगी शिकायत, समय पर निराकरण नहीं होने पर स्वतः पहुंचेगी उच्च अधिकारी के पास
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए एकीकृत सीएम हेल्पलाइन 1076 सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई इस व्यवस्था को कोरबा जिले में भी पूरी तरह लागू कर दिया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी विभागों के अधिकारियों को हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब लोगों को अपनी शिकायत लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर या सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा और आवेदक को एसएमएस के जरिए एक यूनिक शिकायत आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वह अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेगा।
प्रशासन ने शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए एल-1 से एल-4 तक चार प्रशासनिक स्तर निर्धारित किए हैं। यदि किसी स्तर पर अधिकारी तय समय के भीतर शिकायत का निराकरण नहीं करते हैं या जवाब देने में लापरवाही बरतते हैं, तो शिकायत स्वतः अगले उच्च अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। इससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के लंबित रहने की संभावना कम होगी।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर जाकर ‘शिकायत दर्ज करें’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करना होगा। फिर जिला, संबंधित विभाग और अपनी समस्या का विवरण भरकर शिकायत सबमिट करनी होगी। शिकायत दर्ज होते ही एसएमएस के माध्यम से शिकायत संख्या प्राप्त होगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान में सुविधा मिलेगी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही भी बढ़ेगी।