‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को मिली नई ताकत, 1.69 लाख ट्रेंचों में हुआ 132.2 लाख घन मीटर वर्षा जल का संचयन पहली बारिश में ही ट्रेंच हुए लबालब, भूजल स्तर बढ़ाने और किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

TEJASWI NATH SONI

July 6, 2026

बलौदाबाजार, 6 जुलाई 2026। जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव–मोर पानी 2.0’ महाअभियान ने पहली ही बारिश में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के समन्वय और जनसहभागिता से निर्मित 1,69,504 जल अवशोषण ट्रेंचों में वर्षा जल भरने से लगभग 132.2 लाख घन मीटर (13.22 मिलियन क्यूबिक मीटर) वर्षा जल का संचयन एवं भूजल पुनर्भरण सुनिश्चित हुआ है।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण कर भूजल स्तर में सुधार लाना है। अभियान के तहत बनाए गए ट्रेंचों के माध्यम से वर्षा का पानी अब बहकर नष्ट होने के बजाय जमीन में समाहित होगा, जिससे कुएं, हैंडपंप, नलकूप एवं अन्य जल स्रोतों में लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।

प्रशासन के अनुसार अभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है। विभिन्न विभागों के अभिसरण और वीबी-ज़ी राम ज़ी के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिससे आजीविका के अवसर भी बढ़े हैं।

जल अवशोषण ट्रेंचों के निर्माण से कृषि भूमि में नमी का संरक्षण होगा, मिट्टी का कटाव कम होगा तथा खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए जल उपलब्धता में सुधार आएगा। इसके साथ ही पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन एवं अन्य ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन का मानना है कि ‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान जल संरक्षण और जनभागीदारी का सफल मॉडल बनकर उभरा है। यह अभियान “हर बूंद का संरक्षण–हर गांव का संवर्धन” के संकल्प को साकार करते हुए भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सह संपादक

Share this content:

Leave a Comment