छत्तीसगढ़। रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सामाजिक एकीकरण सतनामी महासम्मेलन का भव्य आयोजन विमतारा भवन में संपन्न हुआ। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के नेतृत्व में आयोजित इस महासम्मेलन में समाज की रीतिनीतियों, शादी-विवाह, खान-पान तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय और सद्भावना के साथ समाज हित में कार्य करने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा और निर्णय लिए गए।
सम्मेलन में समाज के विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े पूर्व एवं वर्तमान सांसद, राज्यसभा सदस्य, मंत्री, विधायक तथा धर्मगुरुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से गुरु गद्दीनशीन तेलासी पूरी, राजमहंत प्यारेलाल कोसरिया (सतनाम पंथ, तपोभूमि गिरौदपुरी धाम), वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे, बिलासपुर के राजमहंत पी.के. ग्रीतलहरे सहित लगभग 28 जिलों से प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारी, जिला व ब्लॉक अध्यक्ष, सामाजिक प्रमुख, चिंतक, साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार तथा अधिकारी-कर्मचारी हजारों की संख्या में शामिल हुए।
मुख्य अतिथियों में कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, अनुसूचित जाति प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दोमनलाल कोर्शेवाडा, प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले, पूर्व सांसद पी.आर. खूंटे, गोविंद राम मीरी, श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक सनम जांगड़े, कामदा जोल्हे, पदमा घनश्याम मनहर, संजय ढीढी तथा चंद्रदेव राय सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। सामाजिक एकीकरण के लिए 15 बिंदुओं पर आधारित पत्रक सभी प्रतिभागियों को दिया गया, जिसे भरकर सभी ने अपने सुझाव और अभिमत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के अंत तक जनप्रतिनिधियों और संगठनों के प्रमुखों का आगमन लगातार जारी रहा। महासम्मेलन का सफल संचालन महासचिव मोहन बंजारे एवं सह सचिव दिनेश बंजारे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राजमहंत प्यारेलाल कोसरिया (प्रदेश प्रवक्ता, सतनाम पंथ, गिरौदपुरी धाम) द्वारा किया गया।