रायपुर में ₹1.13 करोड़ की ‘Wash&Wash’ निवेश ठगी का पर्दाफाश, नागपुर से दो महिलाएं गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कथित ‘Wash&Wash / Black Money Scam’ के जरिए एक कारोबारी से ₹1.13 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। मामले में पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बालोद निवासी उमेश कुमार सिन्हा (डायरेक्टर, सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड) अपनी कंपनी के नए प्लांट और विस्तार के लिए करीब ₹45 करोड़ के निवेश की तलाश में थे। इसी दौरान उनका संपर्क आरोपियों से हुआ, जिन्होंने खुद को प्रभावशाली निवेशकों से जुड़ा बताकर फंड दिलाने का झांसा दिया।
ठगी के इस खेल में आरोपियों ने पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए कथित तौर पर काले नोटों को विशेष केमिकल और विदेशी तकनीक से असली नोटों में बदलने का झूठा प्रदर्शन (डेमो) किया। इसके बाद अधिकारियों की मंजूरी, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा क्लीयरेंस और विशेष केमिकल खरीदने जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से किश्तों में कुल ₹1,13,00,000 की राशि ठग ली।
मामले की शिकायत के बाद थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/2026, धारा 318(4) और 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नागपुर में ट्रेस की और वहां दबिश देकर दो महिलाओं को हिरासत में लिया।
पकड़ी गई महिलाओं की पहचान कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (24, निवासी कोलकाता) और दीपिका पॉलीवाल (24, निवासी उदयपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से:
- 3 मोबाइल फोन
- ₹26,000 नकद
- एटीएम कार्ड
- पहचान पत्र एवं अन्य दस्तावेज
जब्त किए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क नागपुर, लखनऊ समेत देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है। पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर इनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस की चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने आम जनता और कारोबारियों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा ब्लैक मनी को व्हाइट करने, विशेष केमिकल से पैसे बदलने या बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के भारी-भरकम निवेश दिलाने के दावों के झांसे में न आएं। किसी भी लेन-देन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।