बलौदाबाजार: दाल और पोहा मिलों पर प्रशासन का छापा, ‘जग्गी पल्सेस’ को नोटिस जारी
बलौदाबाजार/भाटापारा: छत्तीसगढ़ शासन के अभियान “सही दवा शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” के तहत प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर अपनी कड़ाई बढ़ा दी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशन में बुधवार को संयुक्त टीम ने भाटापारा स्थित विभिन्न पोहा और दाल मिलों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ‘जग्गी पल्सेस’ की उत्पादन इकाई में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। टीम ने वहां साफ-सफाई की कमी और पुराने कबाड़ के भंडारण पर कड़ी नाराजगी जताई। नियमों के उल्लंघन पर फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जांच दल ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र की प्रमुख मिलों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए हैं:
- फर्म: जग्गी पल्सेस, विजन फूड्स, मोनी पल्सेस, तिरूपति मिल और श्री साई बाबा उद्योग।
- सैंपल: उड़द दाल, अरहर दाल और पोहा। इन नमूनों को विश्लेषण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त टीम ने सभी मिल संचालकों को लेबलिंग एंड डिस्प्ले रेगुलेशन 2020 का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। अब सभी पैक्ड खाद्य पदार्थों पर:
- उत्पाद की तिथि (Manufacturing Date)
- बैच नंबर
- पोषण संबंधी जानकारी (Nutrition Information) अंकित करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन की इस सक्रियता से मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है