रायपुर/छत्तीसगढ़। महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई ‘महतारी वंदन योजना’ अब विवादों में आ गई है। गांव-गांव में केवाईसी (केवाईसी) के नाम पर महिलाओं से 50-50 रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।
जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने इस मामले पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “यह सीधे-सीधे गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के साथ अन्याय है। जब सीएससी ऑपरेटरों को सरकार की ओर से पहले ही कमीशन दिया जा रहा है, तो फिर हितग्राहियों से पैसे लेना किस नियम के तहत हो रहा है?
उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ सरकार महिलाओं को सम्मान और सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। “केवाईसी के नाम पर हो रही वसूली यह दिखाती है कि योजनाओं का फायदा देने के बजाय गरीब महिलाओं को ही लूटा जा रहा है।”
गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जानी है, लेकिन केवाईसी की आड़ में उनसे अवैध वसूली की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। फिलहाल, इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन से जांच के आश्वासन की उम्मीद जताई जा रही है।