महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले के युवा शिक्षाविद एवं समाजसेवी विजय कुमार मिर्चे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। 12 अप्रैल 2026 को हरियाणा के नारनौल स्थित मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित 28वें पंडित मातादीन–मूर्तिदेवी स्मृति सम्मान समारोह में उन्हें उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक शोध और सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘पंडित मातादीन–मूर्तिदेवी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
यह भव्य आयोजन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र ‘मनुमुक्त भवन’ में संपन्न हुआ, जिसमें भारत और नेपाल की अनेक गणमान्य हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल के पूर्व मुख्यमंत्री राजेंद्र सिंह रावल थे, जबकि अध्यक्षता सिंघानिया विश्वविद्यालय के कुलपति (सेवानिवृत्त आईएएस) डॉ. मनोज कुमार गर्ग ने की।
समारोह में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा, नेपाल भाषा आयोग के सदस्य डॉ. पुष्करराज भट्ट और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने विजय मिर्चे के शोध कार्य, शिक्षा, लेखन, कला और समाजसेवा में उनके योगदान की सराहना की।
विजय कुमार मिर्चे वर्तमान में शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के राजनीति विज्ञान विभाग में व्याख्याता हैं। वे प्रो. डॉ. मालती तिवारी के निर्देशन में छत्तीसगढ़ की राजनीति में सतनामी समाज की भूमिका: अतीत से वर्तमान तक विषय पर पीएचडी शोध कर रहे हैं। इसके साथ ही वे प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के जिला प्रवक्ता तथा ‘सत्य के विरासत पंथी दल, मुडियाडीह’ के संचालक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
समारोह में विभिन्न श्रेणियों में भारत और नेपाल की कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। नेपाल के पूर्व मुख्यमंत्री राजेंद्र सिंह रावल को ‘जीवन साधना पुरस्कार’ से नवाजा गया, वहीं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शील कौशिक और दिवंगत संपादक उर्मि कृष्ण को स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा कई अन्य विद्वानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को शिखर एवं स्मृति सम्मान दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान कवियों और वक्ताओं की प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी डॉ. रामनिवास ‘मानव’ और डॉ. कान्ता भारती ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, डॉ. पंकज गौड़ और डॉ. सुनील भारद्वाज ने किया।
विजय मिर्चे की इस उपलब्धि पर जनप्रतिनिधियों और समाजजनों में हर्ष का माहौल है। जनपद पंचायत बागबाहरा के उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार, सोमनाथ टोंडेकर, रामनारायण जांगड़े, करन मार्कण्डेय, श्रीमती कला जांगड़े, नेहा बघेल सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन नारनौल की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने में सफल रहा।