वन विभाग द्वारा संचालित युवान वॉलंटियर्स प्रोग्राम के तहत कर्दा जलाशय में चल रहे पक्षी सर्वेक्षण के दौरान एक सराहनीय घटना सामने आई है। वॉलंटियर्स की सतर्कता से शिकारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया और जाल में फंसी एक टिटहरी को सुरक्षित बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, वॉलंटियर्स दूरबीन की सहायता से आर्द्रभूमि क्षेत्र में पक्षियों का अवलोकन कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक टिटहरी पर पड़ी, जो शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में फंसी हुई थी। स्थिति को समझते हुए टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पक्षी को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और जाल को भी हटा दिया, ताकि भविष्य में किसी अन्य पक्षी को नुकसान न पहुंचे।
मौके पर मौजूद ग्रामीण मंतराम ध्रुव ने बताया कि यह क्षेत्र मछली पालन के लिए उपयोग में लिया जाता है, लेकिन उक्त जाल उनके द्वारा नहीं लगाया गया था। उन्होंने आशंका जताई कि आसपास के कुछ लोग पक्षियों का शिकार करने के उद्देश्य से ऐसे जाल बिछाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनमें ‘लालसर’ जैसे आकर्षक पक्षी भी शामिल हैं, जो यहां की जैव विविधता को और समृद्ध बनाते हैं।
वॉलंटियर्स ने मौके पर ग्रामीणों को पक्षी संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि प्रवासी पक्षियों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही, इससे इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल सकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
इस अभियान में नरेंद्र वर्मा, टीकेश्वर निषाद, जीवन लाल यादव एवं कृष्णा पैकरा की सक्रिय भागीदारी रही।