बसना/महासमुंद। पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बावजूद आम उपभोक्ताओं को कोई ठोस राहत नहीं मिल रही है। पेट्रोल पंपों पर कीमतों में अपेक्षित कमी न होने से आम जनता, किसानों और मध्यम वर्ग में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
इस मुद्दे को लेकर जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता मोक्ष कुमार प्रधान ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी घटाने की घोषणा केवल दिखावा बनकर रह गई है, क्योंकि जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ टैक्स में कटौती की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अन्य करों और व्यवस्थाओं के जरिए जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वास्तविक कमी नहीं होने से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर साफ देखा जा सकता है। किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इस स्थिति से बेहद परेशान हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांग की है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।
मोक्ष कुमार प्रधान ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के ऐसे फैसले केवल पेट्रोल पंपों पर बड़े-बड़े फ्लेक्स लगाने तक सीमित हैं, जबकि आम जनता को इससे कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है।