राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत 7 दिवसीय प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम संपन्न
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 25 मार्च 2026। (समीप अनंत – जिला ब्यूरो)
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के किसानों को आय के नए स्रोत से जोड़ने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र बोइरदादर (रायगढ़) द्वारा 19 से 25 मार्च तक 7 दिवसीय प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के 50 महिला एवं पुरुष कृषकों ने भाग लिया।
यह प्रशिक्षण “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।
🐝 प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया
प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को मधुमक्खी पालन की उन्नत तकनीक, शहद उत्पादन, बॉक्स प्रबंधन, रानी मधुमक्खी की पहचान, रोग नियंत्रण तथा विपणन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही अध्ययन भ्रमण के माध्यम से सफल मॉडल भी दिखाए गए।
🎓 समापन समारोह में अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम का समापन 25 मार्च को कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे एवं डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. राजपूत, उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव, सहायक संचालक उद्यानिकी आकांक्षा उपाध्याय सहित कई वैज्ञानिक एवं कृषि अधिकारी उपस्थित रहे।
🌾 किसानों की आय बढ़ाने की पहल
विशेषज्ञों ने बताया कि मधुमक्खी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ती है।
कार्यक्रम में शामिल किसानों ने इसे लाभकारी बताते हुए भविष्य में इसे अपनाने की इच्छा जताई।