बलौदा बाजार से समोदा तुमगांव जाने वाले मेन रोड की हालत इन दिनों बेहद खतरनाक बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गाड़ियों से गिरती रेत राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बन रही है, वहीं जुनवानी नाला के पास पिछले करीब 15 दिनों से एक पशु का कंकाल सड़क किनारे सड़ रहा है। बदबू इतनी तेज है कि लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की नजर अब तक इस ओर नहीं पड़ी है।
देवगांव जुनवानी से लेकर भवानीपुर, वटगन और घोड़िया तक सड़क पर जगह-जगह रेत बिखरी पड़ी है। रेत से लदे ओवरलोड ट्रक बिना किसी रोक-टोक के तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं। ट्रकों से उड़ती रेत सीधे बाइक सवारों और राहगीरों की आंखों में चली जाती है, जिससे कई लोग सड़क पर फिसलकर गिर चुके हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को हो रही है। इस रास्ते से प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल और वटगन महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं रोजाना आवागमन करते हैं। पालकों का कहना है कि जब तक बच्चे सुरक्षित घर नहीं पहुंचते, तब तक मन में डर बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनने के बाद से बड़े-बड़े ट्रकों की आवाजाही तेजी से बढ़ी है। ट्रक चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं और छोटे वाहनों या पैदल चलने वालों को साइड तक नहीं देते। सड़क पर कहीं स्पीड ब्रेकर भी नहीं है, जिससे भारी वाहन बेधड़क दौड़ते रहते हैं। कई छात्र और राहगीर इससे पहले गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ट्रक चालक सड़क किनारे बैठे पशुओं को भी नहीं देखते और उन्हें कुचल देते हैं। इसके बाद पशु सड़क किनारे पड़े रहते हैं और सड़ते रहते हैं। जुनवानी नाला के पास पड़ा पशु कंकाल इसका ताजा उदाहरण है, जिसे 15 दिन बाद भी हटाने की जरूरत किसी जिम्मेदार को महसूस नहीं हुई।
बीते दिनों तेज रफ्तार का खामियाजा लोगों को भुगतना भी पड़ा है। भवानीपुर नाला के पास एक ट्रक की ठोकर से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं खपरी और तमोरी के बीच हाईवे पर एक क्लोजर वाहन को टक्कर मारने से तीन लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इन घटनाओं के बाद भी प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्राम पंचायत चिखली, जो रायपुर जिले में होते हुए भी बलौदा बाजार जिले की सरहद से लगा हुआ है, वहां से 24 घंटे ओवरलोड रेत से भरे ट्रक गुजरते रहते हैं। अधिकांश ट्रकों में रेत को तिरपाल से ढका भी नहीं जाता, जिससे रास्ते भर रेत गिरती रहती है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक स्तर पर इन गाड़ियों की जांच तक नहीं की जाती।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभागों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मोबाइल तक नहीं उठाया अधिकारी ने
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ बलौदा बाजार से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क से रेत साफ नहीं कराई गई, पशु कंकाल नहीं हटाया गया और ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।