बलौदाबाजार। 24 मार्च 2026 क्षय रोग (टीबी) के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में विश्व क्षय दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” नारे के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत नर्सिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, वहीं स्कूलों में परिचर्चा, जागरूकता शपथ और उपचाररत मरीजों के लिए काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को टीबी के कारण, लक्षण, उपचार, निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र योजना के बारे में जानकारी दी गई।
मरीजों को परामर्श देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नशे से दूर रहने, नियमित रूप से दवा लेने और पूरा उपचार कोर्स करने की सलाह दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि हर वर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं – देशों के नेतृत्व में, जनता की शक्ति से” रखी गई है। उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय अभियान के तहत जिले के चिन्हित शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी जांच की जाएगी।
इसके लिए मोबाइल मेडिकल टीम गठित की गई है, जो क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से मौके पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान के तहत विकासखंड कसडोल के पीएम जनमन ग्राम बल्दा कछार में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर एक्स-रे एवं सीवाई टीबी जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में 31,663 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 1,217 मरीजों का टीबी का उपचार किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रारंभिक अवस्था में जांच और उपचार से न केवल मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है, बल्कि संक्रमण के प्रसार को भी रोका जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ. अशोक वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा, अस्पताल सलाहकार रीना सलूजा, डीपीसी आलोक दुबे, खोगेश्वर पटेल और यशवंत पटेल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।