पलारी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब कुकदा ग्राम से सूचना मिली कि खेतों के रास्ते भीषण आग तेजी से फैल रही है। सूचना मिलते ही पलारी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते लपटें खेतों को चीरती हुई पलारी की ओर बढ़ने लगीं।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हालात की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर बोर के पानी और पाइप की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। धुएं और लपटों के बीच पुलिस स्टाफ ने साहस और सेवा की मिसाल पेश करते हुए आग को काबू में करने में सराहनीय योगदान दिया।
लेकिन इसी दौरान आग पीछे से और भी तेज़ी से पलारी की ओर फैल गई और पलारी के आउटर इलाके में स्थित ईंट भट्ठा के घरों तक पहुंच गई। यहां एक झोपड़ी नुमा घर में 3 साल की मासूम बच्ची फंसी हुई थी। चारों तरफ आग और धुएं के बीच जान बचाना लगभग नामुमकिन लग रहा था।
ऐसे खतरनाक हालात में आरक्षक **जियान वर्मा** ने अदम्य साहस और समझदारी का परिचय दिया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना झोपड़ी में घुसकर मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बाद में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस और ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ी त्रासदी टल गई।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब वर्दी कर्तव्य और मानवता के साथ खड़ी होती है, तो वह सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, बल्कि जिंदगी भी बचाती है।