
रिपोर्टर टेकराम कोसले
कोरबा । गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिले में अवैध अफीम की खेती और कोयला तस्करी के विरोध में प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर दोनों गंभीर मामलों में केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दुर्ग और बलरामपुर में अफीम की अवैध खेती का मामला
ज्ञापन में बताया गया कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में पुलिस ने एक फार्महाउस पर बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान लगभग 62,424 किलोग्राम अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7.8 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में स्थानीय भाजपा नेता विनायक ताम्रकर सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
इसके अलावा बलरामपुर जिले के त्रिपुरी, चंदाडांडी और खजूरी गांवों में भी अफीम की अवैध खेती सामने आई है। त्रिपुरी पंचायत के जंगल क्षेत्र में लगभग 5 एकड़ भूमि पर अफीम की फसल उगाने की जानकारी सामने आई, जिसमें प्रशासन द्वारा करीब 2 एकड़ भूमि की पुष्टि की गई है।
कुसमुंडा कोयला खदान में 70 लाख टन कोयले की हेराफेरी का आरोप
संगठन ने ज्ञापन में एसईसीएल कुसमुंडा खदान में बड़े पैमाने पर कोयले की हेराफेरी का मुद्दा भी उठाया। आरोप है कि यहां लगभग 70 लाख टन कोयले की हेराफेरी की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है और ज्ञापन की प्रति सीबीआई को भी भेजने की जानकारी दी है।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
संगठन के पदाधिकारियों ने दोनों मामलों को गंभीर बताते हुए कहा कि अवैध अफीम खेती और कोयला घोटाले जैसे मामलों से प्रदेश की छवि खराब होती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे भी आंदोलन तेज करेगा।