अर्जुनी वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों का आतंक: विधायक कविता प्राण लहरे ने विधानसभा में सरकार को घेरा
रायपुर/बिलाईगढ़:अर्जुनी वन परिक्षेत्र में हाथी–टाइगर की बढ़ती गतिविधियों पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विधायक कविता प्राण लहरे ने वन विभाग को धेरा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने अर्जुनी वन परिक्षेत्र में हाथी और टाइगर की बढ़ती गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठाया। विधायक ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब लंबे समय से इन क्षेत्रों में हाथियों और बाघ की लगातार आवाजाही हो रही है, तब भी स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं किया जाना बेहद चिंताजनक है।
विधायक कविता प्राण लहरे ने वन मंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि क्या वन परिक्षेत्र अर्जुनी में हाथी और टाइगर की लगातार गतिविधियों के कारण 30 जनवरी 2026 को वन विभाग द्वारा विद्युत विभाग बिलाईगढ़ को पत्र लिखकर सराईपाली, गाजरडीह, सिरमाल, बिलारी,अर्जुनी एवं करमेल ग्रामों में शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक विद्युत प्रवाह बंद करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने सदन में इस पत्र की प्रति भी उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक ने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि वन विभाग को पहले से जानकारी थी कि इन क्षेत्रों में हाथियों और टाइगर की लगातार गतिविधियां हो रही हैं, तो फिर अब तक स्थायी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने पूछा कि आखिर इन प्रभावित गांवों में सोलर फेंसिंग, ट्रेंचिंग, अलर्ट सिस्टम या स्थायी रेस्क्यू टीम जैसी व्यवस्थाएं क्यों नहीं बनाई गईं, जबकि ग्रामीण लंबे समय से खतरे के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
विधायक कविता प्राण लहरे ने यह भी कहा कि सिर्फ रात के समय बिजली बंद कर देना समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इससे ग्रामीणों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बिजली बंद होने से गांवों में अंधेरा छा जाता है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बनता है और दैनिक जीवन भी प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अब तक कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं और स्थायी समाधान कब तक लागू किए जाएंगे।
इस पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सदन में जवाब देते हुए स्वीकार किया कि अर्जुनी वन परिक्षेत्र (बलौदाबाजार वनमंडल) में हाथियों और बाघ की लगातार गतिविधियों के कारण वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी द्वारा 30 जनवरी 2026 और 1 फरवरी 2026 को विद्युत विभाग बिलाईगढ़ को पत्र भेजकर संबंधित गांवों में रात्रि के समय बिजली बंद करने का अनुरोध किया गया था।
वन मंत्री ने यह भी बताया कि वन विभाग द्वारा हाथियों और टाइगर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाथी मित्र दल, टाइगर मॉनिटरिंग टीम और गश्ती दल के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को समय-समय पर सूचना देने के लिए “गज संकेत” मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकरण कराया गया है, जिससे हाथियों के आवागमन की जानकारी मोबाइल पर एसएमएस के जरिए दी जाती है।
मंत्री ने यह भी कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए विभाग द्वारा कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें **हाथी मित्र दल का गठन, मोबाइल आधारित सूचना समूह, आकाशवाणी के माध्यम से “हमर हाथी हमर गोठ” कार्यक्रम का प्रसारण, टाइगर मॉनिटरिंग टीम द्वारा निगरानी, गांवों में माइक के माध्यम से चेतावनी देना तथा वन क्षेत्र में चारागाह और जल स्रोतों का विकास** शामिल है।
हालांकि विधायक कविता प्राण लहरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल निगरानी और अस्थायी उपायों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने सरकार और वन विभाग से मांग की कि प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग, ट्रेंचिंग, स्थायी अलर्ट सिस्टम और मजबूत रेस्क्यू व्यवस्था जैसे ठोस और दीर्घकालिक उपाय जल्द लागू किए जाएं।
विधानसभा में यह मुद्दा उठाकर विधायक कविता प्राण लहरे ने यह संदेश दिया कि वे अपने क्षेत्र की जनता की सुरक्षा और समस्याओं को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने ग्रामीणों की आवाज को सदन तक पहुंचाते हुए वन विभाग से जवाबदेही तय करने की मांग की।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अर्जुनी वन परिक्षेत्र के आसपास के गांवों में हाथियों और टाइगर की गतिविधियों के कारण लंबे समय से भय का माहौल बना हुआ है। कई बार फसलों और संपत्ति को नुकसान भी होता है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ जाती है। ऐसे में विधायक द्वारा इस मुद्दे को विधानसभा में उठाना क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत और उम्मीद की बात मानी जा रही है।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि विधायक कविता प्राण लहरे की सक्रियता के कारण अब वन विभाग पर दबाव बनेगा और जल्द ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।