
रिपोर्टर टेकराम कोसले
बलौदाबाजार, 7 मार्च 2026। जिले के सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में शनिवार को रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 (वीबी-ज़ीरामज़ी) की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने श्रमिकों को योजना के प्रावधानों, लाभों तथा क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
रोजगार दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत स्तर पर श्रमिकों को सरकार की नई रोजगार व्यवस्था से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह नया कानून ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाया गया है, जो भविष्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लेगा।
जिले में वर्तमान में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत कुल 7240 कार्य संचालित हैं, जिनमें 25,067 श्रमिकों को रोजगार दिया जा रहा है। इन कार्यों में जल संरक्षण, भूमि विकास, तालाब निर्माण, पौधारोपण सहित विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही योजना में कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिजिटलीकरण और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
अधिनियम के अंतर्गत जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास, सिंचाई, वनीकरण तथा जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होने के साथ-साथ मूलभूत अधोसंरचना भी मजबूत होगी।
इसके अलावा ग्रामीणों की आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। योजना में मजदूरी का 7 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था है। यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है।
प्रशासन द्वारा बताया गया कि रोजगार दिवस के माध्यम से श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।