पलारी में बड़ी कार्रवाई: 20 साल से फर्जी डॉक्टर चला रहा था अवैध क्लिनिक, गर्भवती की मौत के बाद छापा, दवाइयों संग गांजा बरामद, अस्पताल सील

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

March 2, 2026

पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम छेरकाडीह जारा में एक गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 वर्षों से बिना मेडिकल डिग्री के संचालित अवैध क्लिनिक को सील कर दिया। राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने क्लिनिक में छापा मारकर भारी मात्रा में दवाइयां, प्रेग्नेंसी किट और चार-पांच पुड़िया गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय गर्भवती इंदु साहू, पत्नी अजय साहू, को हल्की सर्दी-खांसी की शिकायत पर गुरुवार सुबह गांव के ही जयंत साहू के क्लिनिक ले जाया गया। उस समय डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिससे वह वापस लौट गई। कुछ घंटों बाद डॉक्टर के आने की सूचना मिलने पर वह दोबारा क्लिनिक पहुंची, जहां दवा लेने के लगभग 20 मिनट बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसके शरीर पर खून के धब्बे उभर आए और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया।

मामले की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद एसडीएम दीपक निकुंज के निर्देश पर नायब तहसीलदार पंकज बघेल और बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने क्लिनिक का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि जयंत साहू के पास कोई मेडिकल डिग्री या लाइसेंस नहीं है और वह पिछले दो दशकों से अवैध रूप से अस्पताल संचालित कर रहा था। क्लिनिक से बरामद दवाइयों में ऐसी दवाएं भी शामिल थीं जिन्हें केवल डिग्रीधारी चिकित्सक ही उपयोग कर सकते हैं।

नायब तहसीलदार पंकज बघेल ने बताया कि आरोपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रहा है। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक बंद होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े।

सह संपादक

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