महासमुंद। भारतीय किसान संघ जिला महासमुंद की मासिक बैठक का आयोजन जिला स्तर पर किया गया, जिसमें किसानों के हित से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की समस्याओं के समाधान तथा संगठनात्मक गतिविधियों को सुदृढ़ करना रहा।
बैठक में अनुसंधान केंद्र के माध्यम से किसानों को बीज उपचार संबंधी निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण भारतीय किसान संघ की ग्राम समितियों से जुड़े किसानों को दिया जाएगा, जिससे फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। इस पहल को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया गया।
संघ के पदाधिकारियों ने संगठन की रीति-नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय किसान संघ एक गैर-राजनीतिक संगठन है, जो किसानों द्वारा और किसानों के हितों की रक्षा के लिए संचालित होता है। संगठन समय-समय पर किसानों की समस्याओं को जिला प्रशासन एवं कलेक्टर के समक्ष रखकर उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहता है।
बैठक में वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों ने गहरी चिंता व्यक्त की। शासन द्वारा लागू नियमों के कारण धान विक्रय में आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बंद कर आवेदन के बाद धान को घर में रखकर फोटो के माध्यम से प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश को किसानों ने अव्यवहारिक बताया। किसानों का कहना है कि इस व्यवस्था से उन्हें अनावश्यक मानसिक एवं आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
भारतीय किसान संघ ने मांग की कि सहकारी समितियों में धान भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा धान खरीदी की सीमा (लिमिट) बढ़ाई जाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके और खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि संगठन का उद्देश्य राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए किसान हितों की रक्षा करना है। ग्राम समितियों के माध्यम से तहसील स्तर पर संगठनात्मक कार्यवाही की जाती है और प्रत्येक किसान इस संगठन से जुड़कर अपनी आवाज को मजबूती दे सकता है।
बैठक में प्रदेश बीज प्रमुख श्री दुर्गाप्रसाद पाल, जिला उपाध्यक्ष श्री बृजलाल साव, जिला कार्यालय प्रमुख श्री राजेन्द्र वैष्णव, पर्यावरण प्रमुख श्री अश्वनी साहू, श्री घनश्याम साव, तहसील अध्यक्ष श्री शत्रुघन साहू, तहसील बीज प्रमुख श्री पुरुषोत्तम साहू, श्री रोमांतक गिरी गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
उद्बोधन के दौरान प्रांत प्रमुख श्री दुर्गा पाल ने जानकारी दी कि बीज उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम को भलेश्वर क्षेत्र में आयोजित कर किसानों को एकत्रित रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।