योग करने से बच्चों में अनुशासन,आत्मविश्वास, एवं बौद्धिक विकास होता है- योगाचार्य मिथलेश सिन्हा ।

MOTI LAL

January 2, 2026

योगा करते स्कूली बच्चे

योग से एकाग्रता और आत्मविश्वास की ओर कदम बढ़ाते छात्र

स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए योग विषयों पर विशेष कार्यक्रम”

छुरा – बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए योग विषयों पर आधारित विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्राओं
को स्वस्थ शरीर–खुश मन विषय के अंतर्गत संतुलन आसन, प्राणायाम एवं तनाव दूर करने वाले योग अभ्यास सिखाए गए। उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को परीक्षा तनाव से मुक्ति, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने वाले योग एवं ध्यान अभ्यास कराए गए।
योग प्रशिक्षक योगाचार्य मिथलेश सिन्हा ने छात्राओ को योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योग अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी शांत और सकारात्मक बनता है। योग से बच्चों में स्मरण शक्ति, आत्मसंयम और निर्णय क्षमता का विकास होता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने से बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षक, विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने योग कार्यक्रम को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।
“योग करेंगे रोज, रहेंगे स्वस्थ हर रोज” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर व्याख्याता सीमा सिंह, होमेश्वरी ठाकुर,चंद्रप्रभा सेन,नागेंद्र देवांगन,युवराज कंवर, डोमेश्वर ध्रुव आदि उपस्थित थे।

प्रधान संपादक

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